नागपुर से ओडिशा तक ट्रेन और बस से गांजा तस्करी, पुलिस ने मुरमुरी चौक से दो तस्करों को दबोचा

पुलिस को चकमा देने की कोशिश नाकाम, 6.360 किलो गांजा और मोबाइल जब्त
महासमुंद। ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा तस्करी के लिए ट्रेन और बस के जरिए सफर कर रहे दो अंतर्राज्यीय तस्करों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग माध्यमों से यात्रा कर गांजा ले जाने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स की सक्रियता के चलते उनकी चाल नाकाम हो गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6.360 किलो गांजा, दो मोबाइल फोन सहित कुल 3 लाख 38 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार जिले में गांजा तस्करी, बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सूचना मिली कि एक महिला और एक पुरुष मुरमुरी चौक क्षेत्र में दो पिट्ठू बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और सिंघोडा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में लिया।
पूछताछ में पुरुष ने अपना नाम पराग ध्रुव (26 वर्ष) निवासी शांतिनगर, नागपुर (महाराष्ट्र) तथा महिला ने सायली मसराम (33 वर्ष) निवासी पंचपावली, नागपुर (महाराष्ट्र) बताया। तलाशी लेने पर दोनों के बैग से 6.360 किलो गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे गांजा ओडिशा के बलांगीर जिले से लेकर नागपुर ले जा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा की कीमत 3 लाख 18 हजार रुपए आंकी है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन कीमत 20 हजार रुपए भी जब्त किए गए हैं। कुल जब्त संपत्ति की कीमत 3 लाख 38 हजार रुपए बताई गई है।
आरोपियों के खिलाफ सिंघोडा पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
तस्करों के नए-नए हथकंडे भी हुए फेल
पुलिस के अनुसार गांजा तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। कभी एंबुलेंस की आड़, कभी मूवर्स एंड पैकर्स, तो कभी फलों और खाद्य सामग्री से भरे ट्रकों के नीचे गांजा छिपाकर तस्करी की जा रही है। कई मामलों में कपड़ा फेरीवालों के भेष में या छोटे वाहनों में गुप्त चेंबर बनाकर भी परिवहन किया गया।
इसके बावजूद पुलिस और एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स ने अधिकांश मामलों में तस्करों की योजनाओं को विफल किया है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय सीमा पर चार स्थायी चेक पोस्ट स्थापित किए हैं, वहीं संभावित कच्चे रास्तों पर भी लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि सूचना तंत्र, तकनीकी विश्लेषण और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय के जरिए “सोर्स प्वाइंट से डेस्टिनेशन प्वाइंट” तक कार्रवाई की जा रही है। अब तक 33 प्रकरणों में पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने में सफलता मिलने का दावा किया गया है।