सुषासन तिहार के तहत मैनपुर ब्लॉक के बुड़गेलटप्पा में जनसमस्या निवारण षिविर आयोजित
शिविर में 15 गॉवों के नागरिकों ने सौंपे 1 हजार 383 आवेदन इनमें से अधिकांश आवेदनों का किया गया निराकरण
गरियाबंद, 21 मई 2026/ राज्य शासन की जनकल्याणकारी सोच तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार 2026 प्रदेशभर में लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज मैनपुर विकासखंड के बुड़गेलटप्पा में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी शिकायतें, समस्याएं तथा मांग संबंधी आवेदन प्रस्तुत कर शासन-प्रशासन के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखी। शिविर में शामिल 15 गांवों के नागरिकों द्वारा कुल 1 हजार 383 आवेदन प्राप्त हुए। जिनके परीक्षण उपरांत अधिकारियों ने आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की और अधिकांश आवेदनों का निराकरण किया गया। साथ ही ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की जानकारी दी गई और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभान्वित भी किया गया। सभी विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों ने स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याएं सुनीं और समाधान हेतु प्राथमिकता अवलोकन किया।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि शासन का मुख्य उद्देश्य के दूरस्थ अंचलों तक पहुंचकर वहां के नागरिकों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र के लिए 5 सड़कें, पुल-पुलिया स्वीकृत हो चुकी हैं। जिनकी टेंडर प्रक्रिया जारी है। कुछ पुल-पुलिया का निर्माण कार्य जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। बेलाट नाला के लिए भी प्रक्रिया प्रचलित है। उन्होंने कहा कि इंदागांव उपस्वास्थ्य केंद्र के लिए 75 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। जो टेंडर प्रक्रिया में है, और आमजन की सुविधा के लिए स्वास्थ्य संबंधी कार्यों को त्वरित रूप से पूरा किया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि इस क्षेत्र में ग्राम सहायता केंद्र तथा चौकी की स्थापना की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी समस्या की स्थिति में डायल 112 का उपयोग करें, जिससे तत्काल सहायता मिल सके। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से सावधान रहने तथा ऐसी स्थिति में तुरंत पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी गई। सोलर ठगी के मामलों पर विशेष संज्ञान लेने की बात कही गई।
उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरूण जैन ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन संभावनाएं है। कोयबा में नेचर कैंप स्थापित किया गया है। जिसे इको रिसोर्ट के रूप में विकसित किया गया है। जिसके लिए पर्यटकों के लिए ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि नेचर गाइड के रूप में प्रशिक्षण लेकर रोजगार सृजन की दिशा में कार्य करने का आग्रह किया। इसके साथ ही वनांचल क्षेत्र के इच्छुक लोगों को प्लंबिंग, इलेक्ट्रिसियन जैसे रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए वन विभाग द्वारा प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई।
शिविर के दौरान जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश समस्याओं का समाधान शिविर स्थल पर ही कर दिया जाता है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इंदागांव में 75 लाख रुपये की पुलिया निर्माण के लिए स्वीकृति मिल गई है। सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शासन स्तर पर योजनाएं चल रही हैं, जिनके क्रियान्वयन में थोड़ी तकनीकी देरी अवश्य होती है, लेकिन अधिकारी-कर्मचारी आवेदनों के निष्पादन में पूरी तत्परता से लगे हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि किसानों की चिंताओं का समाधान प्राथमिकता है। स्कूल जतन योजना के तहत 90 भवनों के मरम्मत कार्य को आदिवासी विभाग सौंपा गया है। जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोईना नेताम ने कहा कि कलेक्टर की अगुवाई में आज जिला प्रशासन का पूरा अमला एकत्रित हुआ है। ताकि नल-जल, बिजली और आवास जैसी मूलभूत समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा सके। मैनपुर क्षेत्र वनांचल होने के कारण यहां के लोगों द्वारा दिए गए आवेदनों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए।
इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 05 गर्भवती महिलाओं का गोदभराई का रस्म अदा कर उपहार प्रदान किया गया। इसी प्रकार 02 बच्चों का अन्नप्राशन कराया गया। इस दौरान जनपद सदस्य, विभागीय अधिकारी, 15 गॉवों के सरपंच एवं सचिव एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
