रेगहा, संस्थागत भूमि एवं शासकीय पट्टा धारी कृषकों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य

शेष 121 कृषकों से शीघ्र एग्रीस्टैक आईडी बनवाने की अपील
कृषि योजनाओं, अनुदान एवं धान उपार्जन का लाभ लेने में होगी सुविधा
बेमेतरा 20 मई 2026/- जिले के ऐसे कृषक जिनकी भूमि रेगहा, संस्थागत भूमि, ट्रस्ट अथवा शासकीय पट्टा श्रेणी में आती है तथा जिन्हें पूर्व में धान उपार्जन के दौरान एग्रीस्टैक पंजीयन से छूट प्रदान की गई थी, उन्हें अब अनिवार्य रूप से एग्रीस्टैक आईडी बनवानी होगी। शासन के निर्देशानुसार जिले में सभी पात्र कृषकों का एग्रीस्टैक पंजीयन किया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ सरलता एवं पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराया जा सके। कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार बेमेतरा जिले में अभी भी 121 ऐसे कृषकों की एग्रीस्टैक आईडी बनना शेष है, जिन्हें पूर्व में विशेष परिस्थितियों के कारण पंजीयन में छूट दी गई थी। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा ऐसे सभी कृषकों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की गई है।
नजदीकी CSC केंद्र या समिति में कराएं पंजीयन
प्रशासन ने कहा है कि संबंधित कृषक अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर अथवा संबंधित सहकारी समिति में संपर्क कर एग्रीस्टैक आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। समय पर पंजीयन नहीं कराने की स्थिति में भविष्य में विभिन्न योजनाओं एवं उपार्जन संबंधी प्रक्रियाओं में असुविधा हो सकती है।
एग्रीस्टैक से किसानों को मिलेंगी अनेक सुविधाएं
एग्रीस्टैक आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं, अनुदान, फसल पंजीयन, धान उपार्जन एवं अन्य कृषि सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से किसानों की जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित एवं व्यवस्थित रहेगी, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। कृषि विभाग ने बताया कि एग्रीस्टैक प्रणाली किसानों के लिए एक एकीकृत डिजिटल व्यवस्था है, जिसके माध्यम से भविष्य में कृषि सेवाओं को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया जाएगा।
शत-प्रतिशत पंजीयन लक्ष्य को लेकर प्रशासन गंभीर
जिला प्रशासन द्वारा जिले में शत-प्रतिशत एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम स्तर पर किसानों को जागरूक करने के साथ-साथ सहकारी समितियों एवं CSC केंद्रों के माध्यम से पंजीयन कार्य में तेजी लाई जा रही है। प्रशासन ने सभी शेष कृषकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे समय पर अपना पंजीयन पूर्ण कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक असुविधा से बचा जा सके।