कसेकेरा पहाड़ी में भालुओं का खूनी संघर्ष, मादा भालू की मौत
20 फीट नीचे गिरने से गई जान, पोस्टमार्टम में मिले गंभीर चोटों के निशान
महासमुंद। कोमाखान क्षेत्र के कसेकेरा पहाड़ी में मंगलवार रात भालुओं के बीच हुए खूनी संघर्ष में एक मादा भालू की मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों ने पहाड़ी पर भालू का शव पड़ा देखा, जिसके बाद गांव के कोटवार के माध्यम से वन विभाग को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल पर एसडीओ फॉरेस्ट जीएस ठाकुर एवं रेंजर एलएन ध्रुव भी पहुंचे। पंचनामा कार्रवाई के बाद मृत मादा भालू के शव को कोमाखान वन डिपो लाया गया, जहां करीब 30 सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पीएम के बाद वन विभाग ने नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
शरीर पर मिले संघर्ष के स्पष्ट निशान
चिकित्सकों के अनुसार मृत मादा भालू की उम्र लगभग 10 वर्ष बताई जा रही है। उसके दोनों अगले पंजों, पेट और पूंछ पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं। शरीर पर संघर्ष के स्पष्ट संकेत मिले हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि भालुओं के बीच हिंसक लड़ाई हुई थी। वन अधिकारियों के मुताबिक संघर्ष के दौरान मादा भालू करीब 20 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
भालुओं का स्थायी बसेरा है कसेकेरा पहाड़ी
ग्रामीणों के अनुसार कसेकेरा पहाड़ी भालुओं का स्थायी बसेरा माना जाता है। क्षेत्र में अक्सर भालुओं की गतिविधियां देखी जाती हैं। कई बार भालू गांवों में घुसकर घरों में रखे तेल एवं खाद्य सामग्री तक पहुंच जाते हैं। गांव की गलियों में उनकी आवाजाही आम बात हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार रात पहाड़ी क्षेत्र से भालुओं की तेज आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे उनके बीच संघर्ष होने की आशंका जताई जा रही थी।
मेटिंग सीजन हो सकता है वजह
वन विभाग का मानना है कि मेटिंग सीजन या किसी नए भालू के समूह में प्रवेश करने की वजह से उनके बीच आक्रामक संघर्ष की स्थिति बन जाती है। एसडीओ फॉरेस्ट ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला भालुओं की आपसी लड़ाई का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
