सुशासन तिहार के तहत आज छुरा ब्लॉक के कनसिंघी में जनसमस्या निवारण शिविर

शिविर में 15 गॉवों के नागरिक हुए शामिल
गरियाबंद, 19 मई 2026/ सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत प्रदेशभर में आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आज छुरा विकासखण्ड के ग्राम कनसिंघी के धान उपार्जन केंद्र में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर आयोजन किया गया। जिसमें 15 गाँवों के ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर नागरिकों की समस्याएँ, शिकायतें और मांगें ध्यानपूर्वक सुनी गईं। प्रत्येक विभागीय टीम ने मौके पर ही प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर त्वरित निराकरण का प्रयास किया। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रमुख योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए ग्रामीणजनों को इनका अधिकाधिक लाभ लेने की अपील की।
इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीरा ठाकुर, जनपद उपाध्यक्ष कुलेश्वर सोनवानी, जिला पंचायत सदस्य लेखराज धुर्वा, श्रीमती शिवांगी चतुर्वेदी, राजेश साहू, ने भी ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि कनसिंघी में आयोजित यह शिविर प्रशासन और नागरिकों के बीच सीधे संवाद का माध्यम है। जिसके माध्यम से लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निराकरण किया जाए और लंबित न रखा जाए।
शिविर में कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, जिला पंचायत के सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शिविर में लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। इसके अलावा विभिन्न विभागों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इनमें स्वामित्व योजना के तहत 05 गॉवों के 166 किसानों को पट्टा प्रदान किया गया। महिला एवं बाल विकास द्वारा 05 गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की गई। मनरेगा के अंतर्गत 10 हितग्राहियों को जॉब कार्ड किया गया। मत्स्य विभाग द्वारा 5 हितग्राहियों को जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किया गया। इसी तरह समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 हितग्राहियों को ट्रायसायकल, 3 को छड़ी, 1 को व्हीलचेयर, 2 को वॉकर वितरण किया गया। कृषि विभाग द्वारा 6 हितग्राहियों को बीज तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति द्वारा 4 हितग्राहियों को केसीसी कार्ड प्रदान किए गए। साथ ही दसवीं एवं बारहवीं में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।