बरसात के पानी के संचयन व भूजल स्तर बढ़ाने वाटर हार्वेस्टिंग आवश्यक
रैनवाटर हार्वेस्टिंग व कोरबा क्षेत्र में 2026 स्वच्छ जल वर्ष के रूप में मनाने रहेगी सभी की सहभागिता
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन की उपस्थिति में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम कार्यशाला सम्पन्न
रायपुर, 18 मई 2026/वर्षा ऋतु के दौरान होने वाली बारिश के पानी का जमीन के अंदर संचयन करने व भूजल स्तर बढ़ाने के लिये वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, घरों में बनाया जाना आवश्यक है, सभी जनप्रतिनिधिगण, आमनागरिकगण व अधिकारी कर्मचारी एक सामूहिक दायित्व के रूप में इस दिशा में कार्य करें, लोगों को जागरूक करें तथा सभी अपने-अपने घरों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम जरूर लगवायें ताकि ऊर्जाधानी कोरबा का भूजल स्तर ऊपर आ सकें तथा सबको सहज रूप से भूजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
उक्त बातें उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज नगर निगम कोरबा के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों के साथ सम्पन्न हुई वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर आयोजित कार्यशाला के दौरान कहीं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत, आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर, वरिष्ठ पार्षद नरेन्द्र देवांगन व अशोक चावलानी सहित निगम के वार्ड पार्षदगण व अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ शासन नगरीय प्रशासन विकास विभाग से प्राप्त दिशा निर्देशों के तहत नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा जल प्रबंधन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है, इस दिशा में विगत दिनों सचिव नगरीय प्रशासन विकास विभाग ने निकाय के अधिकारियों की आनलाईन बैठक दौरान भी आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये थे। आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के देखरेख में आज निगम के पार्षदों, जनप्रतिनिधियों की वाटर हार्वेस्टिंग विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस मौके पर प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान की, वहीं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत भी बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रही। उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनायें जाने की उपयोगिता पर विशेष बल देते हुये इस दिशा में सभी के सामूहिक प्रयास का आग्रह किया। वहीं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत एवं आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के मार्गदर्शन में नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वर्ष 2026 को नगर निगम कोरबा क्षेत्र में स्वच्छ जल वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इस पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई।
रैनवाटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता
रैनवाटर हार्वेस्टिंग की आवश्यकता आज की एक बड़ी आवश्यकता है, जहॉं भूमि जल स्तर में लगातार गिरावट आ रही हो, जहॉं आवश्यकता के महीनों में भूमि जल की उपलब्धता अत्यंत कम हों, शहरीकरण के कारण भूजल पुनर्भरण में कमी आ गई हो, सतही जल की कमी हो, वहॉं पर वाटर हार्वेस्टिंग अतिआवश्यक हो जाता है, गिरते भूमि जल के स्तर को रोकने हेतु खास जगह पर भूमि जल उपलब्धता बढ़ाने एवं क्षेत्र के विकास के लिये वर्षा जल के उपयोग करने हेतु भूमि जल की गुणवत्ता बढ़ाने के लिये, कृषि पैदावार बढ़ाने के लिये भी यह आवश्यक है।
घरों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य
छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 तथा समय-समय पर लागू किये गये अन्य नियमों के अनुसार शासकीय एवं निजी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाया जाना आवश्यक है तथा रैनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के विभिन्न माडलों में से कोई भी माडल अपनाया जा सकता है, इस संबंध में निगम के नोडल अधिकारी अखिलेश शुक्ला ने उपस्थित पार्षदों को वाटर हार्वेस्टिंग के नियमों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
वर्ष 2026 में निगम ने 1728 सिस्टम स्थापित करायें
वर्ष 2026 में नगर पालिक निगम केारबा क्षेत्र में कुल 1838 रैनवाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कार्य का लक्ष्य रखा गया था, जिसके अंतर्गत 757 शासकीय भवनों तथा 1081 निजी भवनों में रैनवाटर हार्वेस्टिंग निर्माण करवाना था, शासकीय भवनों में यह निर्माण कार्य पूरे कर लिये गये हैं, जबकि निजी भवनों में 1081 सिस्टम के स्थान पर 975 भवनों में ही सिस्टम लगाये गये, शेष 110 भवनों में जमा अमानत राशि को राजसात किया गया है तथा उसी राशि से रैनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य कराये जाने हेतु पुनः निविदा बुलाई गई है। इस प्रकार निगम ने वर्ष 2026 में 1728 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित कराये हैं।
इस दौरान पार्षद व एम.आई.सी.सदस्य हितानंद अग्रवाल, चन्द्रलोक सिंह, अजय गोंड़, चन्द्रकली जायसवाल, ममता यादव, पंकज देवंागन, राकेश वर्मा, प्रताप सिंह कंवर, धनकुमारी गर्ग, अब्दुल रहमान, सुनीता चौहान, वर्षा दिनेश वैष्णव, सिमरनजीत कौर, सत्येन्द्र दुबे, सीमा कंवर, चंदा देवी, चेतन सिंह मैत्री, मंगलराम बंदे, तरूण सिंह राठौर, रजत खुंटे अन्य पार्षदगण, अपर आयुक्य विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ, कार्यपालन अभियंता अखिलेश शुक्ला, जोन कमिश्नर भूषण उरांव, पवन वर्मा, एन.के.नाथ, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.संजय तिवारी, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर आदि के साथ अन्य लोग उपस्थित थे।
