सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के बदले रिश्वत लेते सरपंच गिरफ्तार, एसीबी ने रंगे हाथ दबोचा

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बेमचा पंचायत के सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर 1 लाख रुपये लेते पकड़े गए, जमीन विवाद में समझौते के नाम पर चल रहा था लेन-देन
महासमुंद। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने ग्राम पंचायत बेमचा के सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। सरपंच पर आरोप है कि उन्होंने शासकीय जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने के एवज में यह रकम मांगी थी।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद शहर से लगे ग्राम पंचायत बेमचा के खसरा नंबर 3110/3 की करीब आधा एकड़ शासकीय भूमि पर लंबे समय से अजय कुर्रे का कब्जा था। आरोप है कि अजय कुर्रे ने इस सरकारी जमीन को अलग-अलग लोगों को बेच दिया था। इसी में से कुछ जमीन महाप्रभु वल्लभाचार्य महाविद्यालय के लाइब्रेरियन सूरज रात्रे को भी बेची गई थी।
करीब 6 महीने पहले इस जमीन को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और कब्जाधारी अजय कुर्रे के बीच तीखा विवाद हुआ था, जो थाने तक पहुंचा और दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर और वर्तमान कब्जाधारी सूरज रात्रे के बीच 4 लाख में लेन-देन के आधार पर समझौता हुआ, जिसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रोक दी गई।
इसी मामले में सूरज रात्रे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण उपलब्ध कराए गए, जिसमें सरपंच और शिकायतकर्ता के बीच हुई बातचीत के सबूत जुटाए गए।
गुरुवार शाम करीब 4 बजे एसीबी टीम ने जनपद पंचायत कार्यालय से कुछ ही दूरी पर कार्रवाई करते हुए सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को सूरज रात्रे से 1 लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सरपंच को पुलिस कंट्रोल रूम लाया गया, जहां एसीबी टीम द्वारा उनसे पूछताछ की जा रही है।