नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम : सांसद रुपकुमारी

महासमुंद सर्किट हाउस में आयोजित हुई प्रेसवार्ता
लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को मिलेगा 33% आरक्षण
महासमुंद। महिलाओं को लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से लाए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर आज महासमुंद के सर्किट हाउस में एक महत्वपूर्ण प्रेसवार्ता आयोजित की गई। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र की सांसद रुपकुमारी चौधरी ने इस अधिनियम को देश के इतिहास में मील का पत्थर बताते हुए महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया।
प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सांसद श्रीमती चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह अधिनियम महिलाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का सशक्त अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में भी प्रभावी भागीदारी निभाएंगी, जिससे देश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह अधिनियम महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान कर उनके योगदान को और अधिक सशक्त बनाएगा।
इस अवसर पर उपस्थित सेवानिवृत्त प्राचार्य शशि प्रभा थ्रिटे ने भी इस निर्णय की सराहना करते हुए इसे नारी शक्ति के सम्मान और गौरव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे निर्णय महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और उन्हें समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हैं।
प्रेसवार्ता में यह भी जानकारी दी गई कि अधिनियम को लागू करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। यह अधिनियम प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए लागू किया जाएगा, जिससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है। देशभर में इस अधिनियम को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है और इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।