एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से ग्रामीणों को मिला शीघ्र लाभ
जिला स्तरीय शिविर में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल
कमारभौंदी में बिना बिजली से चलने वाली एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन का किया गया टीबी की जांच
निक्षय निरामया अभियान के तहत 182 गांवों में 100 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविरों का होगा आयोजन
गरियाबंद, 11 अप्रैल 2026/ जिला मुख्यालय गरियाबंद से लगभग 40-45 किमी दूरी पर स्थित सुदूर वनांचल एवं पूर्व में नक्सल प्रभावित अंचल के ग्राम कमारभौंदी में आज जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में पहली बार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहल देखने को मिली। जिला प्रशासन की टीम गांव पहुंची और आधुनिक तकनीक से लैस स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचाई गईं।
शिविर में एआई आधारित पोर्टेबल एक्स-रे मशीन जिसे कुछ दिन पहले राज्य शासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को आबंटित किया गया है। इस मशीन की खासियत यह है कि यह बिना बिजली वाले दुर्गम क्षेत्रों में भी बैटरी से संचालित हो सकती है। साथ ही इसमें बहुत कम रेडिएशन निकलता है और मरीजों को तुरंत जांच रिपोर्ट भी मिल जाती है। जिसे मरीज अपने मोबाईल, लैपटॉप या कम्प्यूटर के माध्यम से भी देख सकेंगे। इस आधुनिक तकनीक की मशीन से विशेष रूप से टीबी जैसी गंभीर बीमारी की पहचान बड़ी ही आसानी से की जा सकेगी।
इस दौरान लगभग 40 ग्रामीणों ने इस एक्स-रे सुविधा का लाभ लिया। जिससे उन्हें समय पर टीबी बिमारी के संदेह होने या न होने की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कार्यक्रम निक्षय निरामया छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। जिसके तहत जिले के 182 गांवों में 100 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर संदेहास्पद मरीजों की जांच की जाएगी। इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य भी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इस दौरान कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती लालिमा ठाकुर, जनपद अध्यक्ष सोहन यादव, जनपद उपाध्यक्ष लेखराम साहू, जिला पंचायत के सदस्य संजय नेताम, डीपीएम गणपत नायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
