खल्लारी में बिजली संकट गहराया, अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज से ग्रामीण बेहाल: विधायक द्वारिकाधीश यादव

किसानों की फसल पर मंडराया खतरा, सुधार नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
महासमुंद। खल्लारी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर विधायक द्वारिकाधीश यादव ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने इस मुद्दे को छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रमुखता से उठाते हुए जिले में ट्रांसफार्मर की कमी और बिजली आपूर्ति की अनियमितता का मामला सदन के सामने रखा।
हालांकि सरकार की ओर से जवाब में कहा गया कि जिले में सामान्यत: बिजली आपूर्ति में कोई बड़ी समस्या नहीं है और आवश्यकता के अनुसार ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है।
विधायक यादव ने बताया कि अप्रैल की शुरुआत से ही बिजली विभाग का रोस्टर पूरी तरह फेल दिखाई दे रहा है। क्षेत्र के कई गांवों में घंटों अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है और रात की नींद तक खराब हो रही है।
माखान, टेका, डोंगरगांव, चारभांठा, सालड़बरी, बोडरीदादर, खट्टी, मोंगरपाली, नवागांव और सोहागपुर सहित कई गांवों में स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। यहां लो-वोल्टेज के कारण बिजली उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं, वहीं पुराने ट्रांसफार्मर ओवरलोड होकर बार-बार खराब हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस संकट का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। सिंचाई पंप नहीं चल पाने से फसलों के सूखने का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। विधायक यादव ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।