गांजा तस्करी: दो दोषियों को 15-15 साल की सजा
एनडीपीएस एक्ट के तहत विशेष न्यायालय का फैसला, डेढ़ लाख जुर्माना
महासमुंद । जिले में गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में विशेष न्यायालय ने दो आरोपियों को 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी पर डेढ़-डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) (।।) (ग) के तहत आया है।
विशेष न्यायाधीश सुश्री संघपुष्पा भतपहरी ने यह सजा सुनाई। यदि दोषी अर्थदंड अदा नहीं करते हैं, तो उन्हें एक-एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 25 अप्रैल 2023 का है। थाना कोमाखान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति सफेद महिंद्रा मार्शल वाहन (क्रमांक ओआर 02 एन 4031) में अवैध गांजा लेकर ओडिशा से बिक्री के इरादे से आ रहे हैं।
इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने टेमरीनाका में घेराबंदी की। संदिग्ध वाहन के मौके पर पहुंचते ही उसे रोक लिया गया और उसमें सवार व्यक्तियों से पूछताछ की गई।
वाहन चालक ने अपनी पहचान मामड़ी पाका सतीश, पिता माधवराव, निवासी कोमादारी, विशाखापट्टनम बताई। उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपना नाम वंकरा सुनील माइकल, पिता बी. जेसूदास, निवासी कोमादारी, विशाखापट्टनम बताया। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस को सीट के नीचे बने गुप्त चेंबर और छत के हिस्से में छिपाकर रखा गया कुल 100 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।
गांजा बरामद होने के बाद, दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। विधिवत कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक नूतन साहू ने प्रभावी पैरवी की। उनकी सशक्त दलीलों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए यह कठोर सजा सुनाई।
