आजीविका केंद्रों का निरीक्षण: सीईओ ने दिए गुणवत्ता व रोजगार बढ़ाने के निर्देश
लखपति दीदी पहल को गति देने, नरेगा व पीएम आवास कार्यों में समयबद्धता और जल संवर्धन पर विशेष जोर
महासमुंद। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने गुरुवार को जिले के विभिन्न आजीविका संवर्धन केंद्रों का निरीक्षण कर वहां संचालित गतिविधियों का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने महासमुंद विकासखंड के बिरकोनी एवं कांपा स्थित केंद्रों के साथ ही पिथौरा विकासखंड के बगारपाली आजीविका संवर्धन केंद्र का अवलोकन किया। इस दौरान सीईओ श्री नंदनवार ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने तथा उनके लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने “लखपति दीदी” पहल के अंतर्गत अधिक से अधिक महिलाओं को आय आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के निर्देश दिए।
बगारपाली केंद्र में फ्लाई ऐश ब्रिक्स निर्माण की नई यूनिट, सब्जी बड़ी निर्माण एवं अन्य संचालित गतिविधियों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने इनके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
इसके अलावा सीईओ ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत तालाब गहरीकरण, शेड निर्माण सहित अन्य कार्यों की प्रगति पर संतोष जताते हुए उन्हें समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नरेगा के तहत अधिकाधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर बल देते हुए जल संवर्धन के कार्यों—जैसे नए तालाब, डब्ल्यूएटी, एससीटी, सोखता गड्ढा, नाडेप एवं वृक्षारोपण के लिए उपयुक्त स्थलों का चिन्हांकन कर शीघ्र स्वीकृति सुनिश्चित करने को कहा।
सीईओ श्री नंदनवार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अप्रारंभ आवासों के हितग्राहियों को 7 दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आवासों में स्व-प्रेरणा से अनिवार्य रूप से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने पर भी जोर दिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
