सुप्रसिद्ध इतिहासकार आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्र “ज्ञान भारतम् मिशन” के तहत सम्मानित
आचार्य मिश्र ने कलेक्टर को ऐतिहासिक महत्व के ताम्रपत्र एवं पांडुलिपियों की दी जानकारी
रायपुर, 09 अप्रैल 2026/ सुप्रसिद्ध इतिहासकार आचार्य रमेंद्रनाथ मिश्र को “ज्ञान भारतम् मिशन” के अंतर्गत भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवं प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण में उनके अमूल्य योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह अवसर जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण रहा।
इस अवसर पर जिला प्रशासन रायपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, नगर निगम आयुक्त विश्वदीप तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिस्वरंजन द्वारा आचार्य मिश्र के निवास पर पहुँचकर उन्हें सम्मानित किया गया। अधिकारियों के कर-कमलों से प्राप्त यह सम्मान आचार्य मिश्र के वर्षों के शोध, तप एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आचार्य मिश्र के दुर्लभ संग्रहालय एवं ग्रंथालय का अवलोकन भी किया। इस दौरान बाबू रेवाराम ‘पण्डित’ द्वारा रचित तवारीख हैहयवंशी राजाओं की (1858) की पांडुलिपि, पंडित सुंदरलाल शर्मा की देश की एकमात्र हस्तलिखित जेल पत्रिका “श्री कृष्ण जन्म स्थान”, रानी दुर्गावती कालीन दुर्लभ गीता की पांडुलिपि, वर्ष 1845 से 1905 तक की “कोलकाता रिव्यू” सहित ताड़पत्र एवं संस्कृत की विभिन्न पांडुलिपियाँ प्रदर्शित की गईं। इसके अतिरिक्त बस्तर भूषण पंडित केदारनाथ ठाकुर, बाबू प्यारेलाल गुप्त एवं यतियतन लाल की हस्तलिखित दैनिक डायरियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
