टीबी मुक्त भारत अभियान के सफल संचालन के लिए दिया गया प्रशिक्षण

राजनांदगांव 30 मार्च 2026। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान के द्वितीय चरण के संचालन के लिए शहरी क्षेत्रों के मितानिनों एवं एएनएम तथा विकासखण्डों के बीईटीओ, बीपीएम, बीडीएम एवं जेएसए को प्रशिक्षण प्रदाय किया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन के लिए चलाये जा रहे टीबी मुक्त भारत अभियान का दूसरा चरण 24 मार्च से शुरू किया गया है। अभियान के तहत वर्तमान में राजनांदगांव शहरी क्षेत्र के वार्डों में आयुष्मान आरोग्य शिविर लगाकर आधुनिक हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से उच्च जोखिम समूहों वाले व्यक्तियों का स्क्रीनिंग किया जा रहा है। अभियान के तहत जिला जेल के 413 कैदियों का स्क्रीनिंग हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान का संचालन 4 चरणों में संपादित किया जाएगा। इसके प्रथम चरण 1-15 दिवस में मितानिनों द्वारा घर-घर भ्रमण कर 10 लक्षण- उच्च जोखिम समूह मधुमेह, कम रोग प्रतिरोधक क्षमता, तम्बाकू एवं शराब उपयोग करने वाले, पुराने पलमोनरी टीबी, पलमोनरी टीबी मरीजों के परिवारों के सदस्य, मलिन बस्ती का स्क्रीनिंग करने एवं सभी संभावित व्यक्तियों का सूची अद्यतन, आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजन कर उच्च जोखिम समूह वाले व्यक्तियों का हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग तथा टीबी संभावित मरीजों का नॉट टेस्ट किए जाने की जानकारी दी गई। अभियान के द्वितीय चरण में आयुष्मान आरोग्य शिविर आयोजन करने के साथ ही हाई रिस्क ग्राम, तृतीय चरण में कांग्रेट सेटिंग्स एवं तृतीय चरण में ट्राइबल क्षेत्र के सभी उच्च जोखिम समूह वाले व्यक्तियों का हैण्डहेल्ड एक्स-रे का उपयोग कर स्क्रीनिंग किए जाएंगे। अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान का संचालन किये जाने की जानकारी दी गई।