पीएम-जनमन योजना से बदली कमार समुदाय की तस्वीर, अब मुख्यधारा से जुड़ रहा जीवन

महासमुंद। जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय का जीवन कभी अभावों और कठिनाइयों से घिरा हुआ था, लेकिन अब सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से इनकी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। जो समुदाय पहले गांव-शहरों से दूर छोटे-छोटे डेरों में रहता था, आज वह धीरे-धीरे विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है।
कमार जनजाति के लोग लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। पक्की सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का अभाव था, जिसके चलते उनका जीवन जंगल और मजदूरी पर निर्भर था। वनोपज संग्रह, बांस से सामान निर्माण और पारंपरिक खेती ही उनके जीविकोपार्जन के प्रमुख साधन थे। इतना ही नहीं, अधिकांश परिवारों के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक खाता और आयुष्मान कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेज भी नहीं थे।
आदिम जाति अनुसंधान केंद्र के वर्ष 2015-16 के सर्वे के अनुसार महासमुंद जिले में कमार समुदाय के 923 परिवारों की कुल जनसंख्या 3309 है, जिसमें 1614 पुरुष और 1695 महिलाएं शामिल हैं। ये परिवार जिले के 76 गांवों में निवासरत हैं, जिनमें महासमुंद विकासखंड के 41, बागबाहरा के 33 और पिथौरा के 2 गांव शामिल हैं।
पीएम-जनमन योजना बनी उम्मीद की किरण
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शुरू हुई प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन) योजना ने कमार समुदाय के जीवन में बदलाव की नई राह दिखाई है। जिला प्रशासन ने इस योजना को गंभीरता से लागू करते हुए प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित की।
योजना के तहत जिले की 26 सड़क विहीन बस्तियों में पक्की सड़कों का निर्माण किया गया, जिससे दूरस्थ डेरों का संपर्क मुख्य गांवों और शहरों से जुड़ गया है। नल-जल योजना के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जा रहा है, वहीं बिजली पहुंचने से अब बच्चों को रात में पढ़ाई करने में सुविधा मिल रही है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 678 कच्चे मकानों की जगह पक्के घर बनाए गए हैं, जिससे इन परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है। बहुद्देशीय केंद्रों की स्थापना से आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं और आजीविका गतिविधियां एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं, जिसका विशेष लाभ महिलाओं और बच्चों को मिल रहा है।
स्वास्थ्य और दस्तावेजीकरण में भी बड़ी प्रगति
मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे इन बस्तियों तक पहुंच रही हैं। इसके साथ ही विशेष शिविरों के माध्यम से सभी पात्र हितग्राहियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, बैंक खाते और जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं।
किसान सम्मान निधि योजना के तहत 1461 हितग्राहियों का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अब हर परिवार को नियमित राशन मिल रहा है, आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है और बैंक खातों में सीधे शासकीय योजनाओं की राशि पहुंच रही है।
अब दिख रही है बदलाव की नई तस्वीर
आज कमार समुदाय के जीवन में बड़ा बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। जहां पहले अभाव और संघर्ष था, वहां अब आत्मविश्वास और उम्मीद की नई किरण दिखाई दे रही है। बुनियादी सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लाभ से यह समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होता जा रहा है।