सॉफ्टवेयर अपडेट और सर्वर मेंटेनेंस के नाम पर राशन वितरण बंद रखना अन्याय: विनोद
महासमुंद। पूर्व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा है कि सॉफ्टवेयर अपडेट और सर्वर मेंटेनेंस के नाम पर 5 दिनों तक राशन वितरण बंद रखना गरीबों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि इससे पहले केवाईसी प्रक्रिया के नाम पर भी हितग्राहियों को महीनों तक राशन से वंचित रखा गया। कई परिवारों को दो-दो माह तक चावल नहीं मिला। बड़ी मुश्किल से केवाईसी पूरी कराने के बाद भी उन्हें बकाया राशन देने के बजाय केवल चालू माह का ही वितरण किया गया। चंद्राकर ने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही और तकनीकी बहानों के चलते गरीबों को लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों के विपरीत, यदि परिवार के एक सदस्य की केवाईसी अधूरी थी, तो पूरे परिवार का राशन रोक दिया गया, जो कि पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब हजारों हितग्राहियों को उनका हक का चावल मिला ही नहीं, तो वह आखिर गया कहां? उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे चावल की कालाबाजारी और कमीशनखोरी को बढ़ावा मिल रहा है। पूर्व संसदीय सचिव ने इसे खाद्य सुरक्षा कानून की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर राशन रोकना अमानवीय है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के साथ-साथ अकेले महासमुंद जिले के 3.60 लाख से अधिक उपभोक्ता इस अव्यवस्था से प्रभावित हैं और परेशानी झेल रहे हैं।
