पोषणयुक्त मध्यान्ह भोजन पर रसोइयों को दिया गया प्रशिक्षण
महासमुंद। प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत विकासखण्ड बागबाहरा के रसोइयों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आज शासकीय अंग्रेजी माध्यम पूर्व माध्यमिक शाला, भानपुर में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में विकासखण्ड के विभिन्न प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के रसोइयों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के.के. वर्मा के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक विकास से सीधे जुड़ी एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके प्रभावी क्रियान्वयन में रसोइयों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने रसोइयों से भोजन निर्माण में स्वच्छता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। साथ ही बच्चों को सुरक्षित एवं स्नेहपूर्ण वातावरण में भोजन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।प्रशिक्षण के दौरान सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी रामता मन्नाडे ने रसोइयों को भोजन निर्माण में व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोईघर की साफ-सफाई, संतुलित एवं पोषणयुक्त आहार की आवश्यकता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण एवं उपयोग तथा बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने फोर्टिफाइड चावल के उपयोग एवं उसके पोषण संबंधी लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि यह बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने में सहायक है।
मास्टर ट्रेनर छोटू निषाद, श्रीमती पुष्पलता सोनकर एवं श्रीमती गीता साहू द्वारा प्रशिक्षण को व्यवहारिक स्वरूप देते हुए रसोइयों को भोजन बनाने की सही विधि, रसोईघर की स्वच्छता, गैस एवं अन्य ईंधन के सुरक्षित उपयोग तथा भोजन वितरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र को संवादात्मक बनाते हुए प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया। इस अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भानपुर की प्रधानपाठक श्रीमती मोनिका चंद्राकर, संकुल समन्वयक गजानंद दिवान, मोहिन्दर पांडे, देव सिन्हा, विजय साहू, लंबोदर नायक, श्रीमती वंदना साह, खेमचंद चक्रधारी एवं बालक दास कोसरे सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
