कलेक्टर ने आजीविका, रोजगार, उद्योग से जुड़ी सभी योजनाओं की ली प्रगति की जानकारी
रोजगार, उद्योग व आजीविका सहित अन्य योजनाओं कि की गई विस्तृत समीक्षा
गरियाबंद, 23 मार्च 2026/कलेक्टर बीएस उइके ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में उद्योग, रोजगार, अंत्यवसायी, खादी, ग्रामोद्योग, बासं हस्तशिल्प, हाथकरघा, लाईवलीहुड कॉलेज, कौशल विकास एनआरएलएम, एनयुएलएम तथा एलडीएम की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा ग्राम स्तरीय से लेकर जिला स्तरीय तक संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। कलेक्टर ने कहा कि जिले में चल रही सभी आजीविका, रोजगार तथा कौशल विकास योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है। इसलिए प्रत्येक योजना के क्रियान्वयन में लक्ष्य के अनुरूप तेजी और पारदर्शिता लाना आवश्यक है। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान की समीक्षा की गई जिसमें सामाजिक समावेशन एवं संस्थागत निर्माण के अंतर्गत स्व-सहायता समूहों की सक्रियता, बैठकों की नियमितता, वित्तीय अनुशासन और प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी दी गई। वित्तीय समावेशन के तहत समूहों के बैंक खाते, लेन-देन की स्थिति और बैंक क्रेडिट लिंकिंग की गति पर जानकारी दी गई। कलेक्टर ने बैंकर्स के साथ समन्वय बनाकर क्रेडिट लिंकिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इंटरप्राइज फाइनेंस, लखपति दीदी योजना और प्रोड्यूसर ग्रुप्स की प्रगति पर बताया गया कि जिले में कई महिलाएं उद्यमिता की ओर अग्रसर हैं। कलेक्टर ने कहा कि समूहों के लिए बाजार उपलब्धता और उत्पादन गुणवत्ता सुधार पर विशेष पहल की जाए, जिससे उनकी आय निरंतर बढ़ सके। उनके उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज पर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र में युवाओं के पंजीयन, पहचान पत्र और आयोजित रोजगार मेलों की समीक्षा की गई। युवाओं को स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने, उन्हें मार्गदर्शन प्रदान करने तथा जिला स्तर पर नियमित रोजगार मेलों के आयोजन करने को कहा गया। कलेक्टर ने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर जिले के रोजगार के अवसर प्रदान किया जाए। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र द्वारा पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा पीएम सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की प्रगति की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों को समय पर स्वीकृत करने और लाभार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, छोटे उद्योग और उद्यम स्थापित करने के लिए योजनाएं महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो।
बैठक में जिला लाइवलीहुड कॉलेज की भी समीक्षा की गई। जिसमें कोर्सवार बैच, प्रशिक्षित युवाओं की संख्या, प्रमाणपत्र वितरण और प्लेसमेंट की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की मांग के अनुसार डिज़ाइन किया जाए ताकि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार की अधिक संभावनाएं मिलें। साथ ही मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड, ग्रामोद्योग विभाग और जिला हाथकरघा कार्यालय की प्रगति पर भी चर्चा की गई। अंत्योदय स्वरोजगार योजना, आदिवासी स्वरोजगार योजना और पीएम अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम अजय) के अंतर्गत लाभार्थियों की संख्या, स्वीकृत प्रकरण, जारी ऋण एवं प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि लाभार्थियों को योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए और पात्र लोगों को शीघ्र योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी लक्ष्य आधारित कार्य करें और प्रत्येक योजना में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले के लोगों को अधिक से अधिक रोजगार और आजीविका के अवसर प्राप्त हो सकें। इस अवसर पर जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग के दिनबंधु ध्रुव, अंत्यावसायी विभाग के कार्यपालन अधिकारी सुश्री रश्मि गुप्ता, लाईवलीहुड कॉलेज की परियोजना अधिकारी श्रीमती श्रृष्टि मिश्रा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
