ग्रीष्म ऋतु 2026 में लू से बचाव हेतु दिशा-निर्देश जारी
भारत सरकार एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जारी किए व्यापक निर्देश
लू से बचाव हेतु सभी विभागों को सतर्क रहने और तत्काल तैयारी के निर्देश
गरियाबंद, 23 मार्च 2026/ग्रीष्म ऋतु में तीव्र गर्मी और तापमान वृद्धि को देखते हुए भारत सरकार के गृह मंत्रालय एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली द्वारा लू (तापघात) से बचाव एवं तैयारी संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। जैसे कि लू के दौरान सिर में भारीपन, तेज बुखार, मुंह सूखना, चक्कर आना, उल्टी, कमजोरी, पसीना न आना, भूख कम लगना तथा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत छायादार स्थान पर ले जाकर ठंडे पानी की पट्टी लगाना, तरल पेय पिलाना, शरीर पर ठंडा पानी छिड़कना तथा शीघ्र नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई है। अत्यधिक गर्मी में शरीर में पानी और नमक की कमी मुख्य कारण बताया गया है। इसलिए अनावश्यक बाहर न निकलने, सिर और कान ढकने, सूती कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का उपयोग करने तथा दोपहर 12 से 3 बजे तक धूप से बचने को कहा गया है।
जारी निर्देशों में नागरिकों से घर को ठंडा रखने, पर्दे और पंखों का उपयोग करने, बीमारी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने और जानवरों को छाया-पानी उपलब्ध कराने की अपील की गई है। नियोक्ताओं को मजदूरों के लिए ठंडा पानी, शेड, समय-सारणी में बदलाव और विश्राम अवधि बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान ठंडे जैकेट, पर्याप्त पानी, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करने को कहा गया है। वरिष्ठ नागरिकों से घर में रहने, भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने तथा किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। राज्य स्तर पर सरकार नोडल अधिकारी नियुक्त कर लू की स्थिति की समीक्षा करेगी। सार्वजनिक स्थानों पर वाटर एटीएम और पेयजल की व्यवस्था करने। मनरेगा में कार्य समय परिवर्तित करने और छाया स्थलों के निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, प्याऊ केंद्रों की स्थापना और अस्पतालों में बिजली-पानी व्यवस्था प्राथमिकता से सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नगरीय निकायों को बेघर और जोखिमग्रस्त समूहों की पहचान कर पानी और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराने, शहरी क्षेत्रों में हरित क्षेत्र बढ़ाने तथा ताप कम करने वाले उपाय लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी स्वास्थ्य केंद्रों में लू प्रभावितों के परीक्षण, ओआरएस उपलब्धता और 108-104 सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करेगा। श्रम विभाग बाहरी कार्यों के समय में बदलाव, मजदूरों को आइस पैक उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। पशु चिकित्सा विभाग पशुओं के लिए पानी, चारा, दवाइयों तथा ग्राम स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सूचना प्रौद्योगिकी विभाग राज्य-स्तरीय डैशबोर्ड तैयार कर मैसेज प्रसारित करेगा। परिवहन विभाग बस स्टैंडों पर प्राथमिक उपचार एवं समय परिवर्तन सुनिश्चित करेगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में पेयजल, ओआरएस और समय परिवर्तन लागू करेगा। मनरेगा स्थलों पर पानी-छाया की व्यवस्था, वन विभाग द्वारा हरियाली, वन-अग्नि की रोकथाम और वन्यजीवों के लिए जलस्रोत उपलब्ध कराए जाएंगे। पर्यटन विभाग तीर्थस्थलों पर छाया और पानी की व्यवस्था करेगा। अग्निशमन विभाग आग नियंत्रण हेतु तैयारी, उपकरणों की उपलब्धता और कर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित करेगा। समग्र रूप से सरकार ने नागरिकों, मजदूरों, वरिष्ठजनों और पशुओं को लू से होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
