चैत्र नवरात्र की धूम: देवी मंदिरों में उमड़ रही आस्था, हजारों ज्योति कलश से जगमगाए धाम
महासमुंद। चैत्र नवरात्र पूरे अंचल में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। शक्तिपीठों, देवी मंदिरों और ग्राम देवालयों में इन दिनों ‘जय माता दी’ के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। घर-घर में भी शक्ति स्वरूपा माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना के साथ ज्योति और जंवारा स्थापित कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जा रही है।
नवरात्र के पहले ही दिन सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। हजारों भक्तों ने माता के दर्शन कर मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की, जो पूरे उत्सव भर जारी रहेगी। बागबाहरा क्षेत्र के घुंचापाली स्थित चंडी माता मंदिर में नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ याज्ञिक सम्राट स्वामी चैतन्य अग्निशिखाजी महाराज ने प्रथम ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया। यहां इस वर्ष 5401 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक बन गए हैं।
इसी तरह खल्लारी स्थित प्रसिद्ध माँ खल्लारी मंदिर में भी भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। यहां कुल 2111 मनोकामना ज्योतियां प्रज्ज्वलित की गई हैं, जिनमें पहाड़ी मंदिर में 1451 और नीचे 651 ज्योतियां शामिल हैं। नगर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी भक्ति का वही उत्साह देखने को मिल रहा है—महामाया मंदिर में 1728, शीतला मंदिर में 169, दुर्गा मंदिर बरोंडा चौक में 286 तथा स्टेशन रोड स्थित रामेश्वरी मंदिर में 232 ज्योतियां प्रज्ज्वलित की गई हैं।
आरती के समय उमड़ती है आस्था की भीड़
शाम होते ही मंदिरों का नजारा और भी अलौकिक हो जाता है। आरती के समय हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है और दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है। घुंचापाली चंडी माता मंदिर में आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जहां प्रतिदिन दोपहर और रात्रि में महाप्रसाद वितरित किया जा रहा है। यह व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट द्वारा दानदाताओं के सहयोग से पूरे नवरात्र भर जारी रहेगी।
बिरकोनी चंडी मंदिर में विशेष आयोजन
सिद्ध शक्तिपीठ बिरकोनी चंडी मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। यहां 1881 मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गई हैं। माँ चंडी के दरबार में दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन-पूजन कर रहे हैं। प्रतिदिन जसगीत, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। पंचमी से सप्तमी तक रात्रि 9 बजे से जस झांकी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं 27 मार्च को नवमीं के अवसर पर प्रातः 9 बजे से हवन, माता श्रृंगार, सिद्धिदात्री पूजन, पूर्णाहुति, कन्या पूजन, जवारा विसर्जन और महाप्रसादी वितरण का भव्य आयोजन किया जाएगा। चैत्र नवरात्र के इस पावन पर्व पर महासमुंद अंचल पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगा हुआ है, जहां हर ओर श्रद्धा, विश्वास और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
