चैत्र नवरात्र: देवी मंदिरों में जले आस्था के ज्योत
सुबह से मंदिर में लगी रही श्रद्धालुओं की भीड़
महासमुंद। हिन्दू नववर्ष व चैत्र नवरात्र आज से शुरू हो गया। आज अबूझ मुहुर्त में कुलदेवी मां महामाया मंदिर में पुजारी सहित अन्य श्रद्धालुओं की उपस्थिति नें मुख्य ज्योत प्रज्ज्वलित की गई। बाद अन्य सभी मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। यहाँ सुबह से ही माता दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा । इसके अलावा जिले के प्रमुख देवी स्थलों बेमचा खल्लारी, बिरकोनी , भीमखोज खल्लारी, बागबाहरा चंडी, शारदा, रामेश्वरी, बमलेश्वरी और चंपई मंदिरों में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। इन मंदिरों में न केवल स्थानीय बल्कि आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचें। नवरात्र के दौरान मंदिरों में सेवा गीतों, जस गीतों और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय रहा। सुबह से देर रात तक पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहा।
हिन्दू नववर्ष (चैत्र प्रतिपदा) पर इस वर्ष नगर में आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर भव्य आयोजन किया गया। हिन्दू नववर्ष उत्सव आयोजन समिति द्वारा आज एक विशाल एवं आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई, जो संध्या 4 बजे शारदा मंदिर से शुरू होकर बरोंड़ा चौक स्थित मां दुर्गा भवानी मंदिर पहुंची। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों, ओवरब्रिज एकता चौक, बग्गा स्टोर्स चौक, स्वामी चौक, कांग्रेस भवन चौक एवं कचहरी चौक के रास्ते बरोंडा चौक में संपन्न हुई। मार्ग में विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं व सामाजिक संगठनों द्वारा भव्य स्वागत, पुष्प वर्षा एवं आकर्षक आतिशबाजी के साथ नववर्ष का अभिनंदन किया गया। शोभायात्रा के दौरान आरंग का पारंपरिक सुआ नृत्य, पंथी नृत्य, राऊत नाचा, भिलाई की भजन मंडलियों का रोड शो, महाकाल समिति का डमरू वादन तथा गुरुकुल आश्रम कोसरंगी के बटुकों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहा। साथ ही आधुनिकता का तड़का लगाते हुए डी.जे. साउंड और रंग-बिरंगी आतिशबाजी पूरे आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
