बीजापुर के 20 ग्रामों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का विस्तार
संतोषपुर में विशेष मलेरिया रोकथाम अभियान का शुभारम्भ
बीजापुर 18 फरवरी 2026- विकासखंड बीजापुर के दूरस्थ एवं आदिवासी बहुल 20 ग्रामों में निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। यह पहल शिखर युवा मंच द्वारा एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से संचालित एसबीआई संजीवनी मोबाइल मेडिकल यूनिट परियोजना के अंतर्गत संचालित हो रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की सहज उपलब्धता सुनिश्चित करना है। ताकि हर व्यक्ति तक प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर पहुँच सकें।
10 महीनों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ- संस्था प्रमुख भूपेश वैष्णव के अनुसार, पिछले 10 महीनों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से, 7818 मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गईं। 1684 लैब जांच सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं। 797 आरडीटी Rapid Diagnostic Test मलेरिया परीक्षण किए गए। इनमें से 51 मरीज पॉजिटिव पाए गए, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर उपचार सुनिश्चित किया गया। ये आँकड़े क्षेत्र में मलेरिया की गंभीरता को स्पष्ट करते हैं। विशेष रूप से संतोषपुर, गोरना, भोगामुड़ा, कचलारम एवं पालनार ग्रामों में पूर्व में अधिक प्रकरण दर्ज किए गए थे।
संतोषपुर में विशेष मलेरिया रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान, मलेरिया की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए ग्राम संतोषपुर में विशेष मलेरिया रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम का विधिवत शुभारम्भ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम मुखिया एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सरस्वती पूजन एवं रिबन काटकर किया गया। जिला समन्वयक मुकेश मानिकपुरी ने कहा कि सामुदायिक सहभागिता ही अभियान की सफलता की कुंजी है। अभियान की प्रमुख गतिविधियाँ, अभियान के अंतर्गत, 615 परिवारों को मच्छरदानी वितरण, नियमित फॉगिंग अभियान, आरडीटी जांच एवं शीघ्र पहचान, पॉजिटिव मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण, लार्वीसाइड एवं ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव, स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान, शुभारम्भ दिवस पर 155 हितग्राहियों को मच्छरदानी एवं जागरूकता सामग्री वितरित की गई।, कार्यक्रम में 254 ग्रामीणजन, शिक्षक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन एवं स्वास्थ्य टीम के सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
स्वस्थ गांव, सुरक्षित भविष्य- यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामुदायिक जागरूकता और सहभागिता के माध्यम से मलेरिया मुक्त बीजापुर के लक्ष्य की ओर सशक्त प्रयास भी है। निरंतर स्वास्थ्य शिविर, समय पर जांच एवं सामुदायिक सहयोग से बीजापुर अब स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर अग्रसर है।
