व्याख्याता के निलंबन से आक्रोशित शिक्षकों ने बीईओ से बहाल करने की मांग

महासमुंद। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे से मुलाकात कर शिक्षक संवर्ग की विभिन्न लंबित एवं ज्वलंत समस्याओं को गंभीरता से उठाया तथा उनके निराकरण की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में प्रांतीय संयोजक सुधीर प्रधान, महासचिव शोभासिंह देव, राजेश साहू, विनोद यादव, गजेंद्र नायक, लालजी साहू, प्रदीप वर्मा, खोशील गेन्द्रे, खिलावन वर्मा, पवन साहू, मनीष अवसरिया, लक्ष्मण दास मानिकपुरी, देवेंद्र चंद्राकर, वारिस कुमार सहित अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।
एसोसिएशन ने व्याख्याता आशीष देवांगन के निलंबन को लेकर नाराजगी व्यक्त की। संगठन ने कहा कि संबंधित प्रकरण विद्यालय स्तर पर ही निराकृत हो चुका था और इसकी लिखित जानकारी 31 अक्टूबर 2025 को संबंधित शिक्षक को प्रदान किया जा चुका था। एसोसिएशन का तर्क है कि विद्यालयीन अनुशासन की जिम्मेदारी केवल एक शिक्षक की नहीं, बल्कि प्राचार्य सहित समस्त स्टाफ की होती है। ऐसे में मात्र मौखिक शिकायत के आधार पर निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। संगठन ने यह भी सवाल उठाया कि जांच दल में संबंधित स्कूल के प्राचार्य को शामिल करना निष्पक्षता की दृष्टि से उचित प्रतीत नहीं होता। अतः प्राचार्य स्तरीय स्वतंत्र समिति गठित कर पुनः जांच कराने तथा निलंबन आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की गई। शासकीय उच्च माध्यमिक शाला नरतोरा के निलंबित व्याख्याता द्वारिका प्रसाद चंद्राकर के प्रकरण में भी एसोसिएशन ने आवाज बुलंद की। उन्होंने बताया कि अर्जित अवकाश स्वीकृत होने के बावजूद वेतन आहरण नहीं किया गया है। इस पर डीईओ से संबंधित डीडीओ को निर्देशित कर शीघ्र वेतन भुगतान सुनिश्चित कराने का आग्रह किया गया।
लंबित पदोन्नति व प्रशासनिक समस्याओं पर भी जोर
प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षक हितों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित किया, जिनमें सहायक शिक्षक से प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आवेदनों का त्वरित निराकरण, सीजीपीएफ खाते का नियमित संधारण, उच्च परीक्षा अनुमति के लंबित आवेदनों पर तत्काल निर्णय, वरिष्ठता के आधार पर विद्यालयों में प्रभारी नियुक्ति जैसे मांगे शामिल है।बीईओ विजय कुमार लहरे ने सभी बिंदुओं को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए यथाशीघ्र निराकरण कराने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में हेमंत कुमार खुटे, खेमलता कंवर, खोमन चंद्राकर, कीर्तन साहू, अनिता साहू, पूजा साहू, तुलसीराम साहू, तपस्या शर्मा, सरोज सोनी, चंद्रशेखर मिथलेश, ज्योति चंद्राकर, बेला मारु, नोबल ध्रुव, सविता साहू, गजेंद्र साहू, धोबा लाल पटेल, प्रफुल्ल बारीक सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।