जिला चिकित्सालय बीजापुर में गंभीर पेट संक्रमण से जूझ रही महिला को मिला नया जीवन

बीजापुर 10 फरवरी 2026- जिला चिकित्सालय बीजापुर में चिकित्सकों की तत्परता और विशेषज्ञ उपचार से एक 35 वर्षीय महिला की जान बचाई गई। दिनांक 31 जनवरी 2026 को बीजापुर निवासी पार्वती को पेट में तीव्र दर्द की शिकायत के साथ जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था।
भर्ती के तुरंत बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा त्वरित परीक्षण एवं आवश्यक जांच की गई। एक्स-रे जांच में पेट में छेद (परफोरेशन) होने की पुष्टि हुई, जिसे चिकित्सकीय भाषा में परफोरेशन पेरिटोनाइटिस (गैस्ट्रिक) कहा जाता है। यह एक अत्यंत गंभीर और आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें आमाशय की दीवार में छेद होने से संक्रमण पेट की गुहा में फैल सकता है और मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बिना विलंब आपातकालीन शल्यक्रिया का निर्णय लिया। ऑपरेशन थियेटर में डॉ. नरोत्तम (एनेस्थेटिस्ट) द्वारा सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया गया। इसके पश्चात डॉ. विजयलक्ष्मी कोसमा एवं डॉ. रवि मढ़रिया के नेतृत्व में अनुभवी सर्जिकल टीम ने शल्यक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
ऑपरेशन के दौरान आमाशय की दीवार में हुए छिद्र की पहचान कर उसे सावधानीपूर्वक बंद किया गया। पेट की गुहा में फैले संक्रमित तरल पदार्थ एवं मवाद को निकालकर संपूर्ण एब्डॉमिनल वॉश किया गया जिससे संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके। आवश्यक ड्रेनेज की व्यवस्था करते हुए पेट को परत दर परत सुरक्षित रूप से बंद किया गया। पूरी शल्यक्रिया निर्धारित चिकित्सा मानकों और संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल के अनुरूप संपन्न हुई।
शल्यक्रिया के उपरांत मरीज को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में रखा गया है, जहां डॉ. राहुल राठौर (मेडिसिन विशेषज्ञ) की सतत निगरानी में उपचार जारी है। वर्तमान में मरीज की स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में निरंतर सुधार देखा जा रहा है। यह सफल उपचार जिला चिकित्सालय बीजापुर में उपलब्ध विशेषज्ञ चिकित्सकों, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं एवं समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जहां गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही है।