बूँद-बूँद से बदली तक़दीर, देगमेटा गाँव में जल-जीवन मिशन की सफलता की कहानी

जल ही जीवन है -इस कथन को देगमेटा ग्राम पंचायत ने केवल नारा नहीं, बल्कि सच्चाई में बदल कर दिखाया है
बीजापुर 28 जनवरी 2026- बीजापुर ज़िले के भैरमगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत फुलगट्टा के आश्रित गांव देगमेटा में कभी पीने के स्वच्छ पानी की भारी समस्या थी। ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज़ से पानी लाने के लिए संघर्ष करना पड़ता था। गर्मियों में स्थिति और भी विकट हो जाती थी।
जलदृजीवन मिशन के अंतर्गत जल अर्पण दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती के अवसर पर 16 जनवरी 2026 को ग्राम देगमेटा में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, जल समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नलदृजल योजना, जल संरक्षण, स्वच्छता, जल गुणवत्ता परीक्षण, एवं जल स्रोतों की सुरक्षा के विषय में विस्तार से जानकारी दी गई। जल परीक्षण किट के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की जाँच कर ग्रामीणों को शुद्ध जल के महत्व को समझाया गया। साथ ही, प्रत्येक घर में लगाए गए नलों और पाइपलाइन की सुरक्षा एवं रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया गया।
ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति की सक्रिय भूमिका, विभागीय मार्गदर्शन और ग्रामीणों की सहभागिता से नलदृजल योजना का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ। अब देगमेटा गाँव के प्रत्येक घर में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है। इससे न केवल समय और श्रम की बचत हुई, बल्कि जलजनित बीमारियों में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
इस अवसर पर ग्राम मॉडल के माध्यम से अन्य ग्रामों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया। अंत में जलदृजीवन मिशन अंतर्गत नलदृजल योजना को औपचारिक रूप से ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया गया, जिससे समुदाय स्वयं इसकी जिम्मेदारी निभा सके।
देगमेटा गाँव की यह कहानी प्रमाण है कि जनभागीदारी, जागरूकता और सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। आज देगमेटा गाँव स्वच्छ जल की उपलब्धता के साथ एक सशक्त, स्वस्थ और आत्मनिर्भर ग्राम के रूप में उभर कर सामने आया है।