कृषि विभाग द्वारा ग्रीष्मकालीन फसल उड़द एवं मूंग बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही
बालोद, 27 जनवरी 2026/जिले में गिरते भू-जल स्तर और गहराते जल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा फसल विविधीकरण और जल संरक्षण की दिशा में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि गिरते भूजल स्तर के अंतर्गत जिले के गुरूर विकासखण्ड ’क्रिटिकल जोन’ में शामिल है। जहां पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा जल संरक्षण व फसल परिवर्तन के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 में रबी फसल हेतु गेंहू 1456 क्विंटल, चना 2145 क्विंटल, मटर 32.40 क्विंटल, मसूर 85 क्विंटल, उड़द 31 क्विंटल, तिवड़ा 82 क्विंटल, कुसुम 24.60 क्विंटल, सरसों बीज 53.36 क्विंटल बीजों का वितरण कराया गया है। इसी तरह ग्रीष्मकाल में दलहन फसल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले के विकासखण्ड गुरूर में उड़द 40 क्विंटल, मूंग 12 क्विंटल, डौण्डी में उड़द 10 क्विंटल एवं डौण्डीलोहारा में उड़द 10 क्विंटल, मूंग बीज 4 क्विंटल विकासखण्डों के कार्यालयों में उपलब्ध है। उन्होंने किसानों से अपील कि है कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालयों से संपर्क कर उड़द, मूंग फसलों का बीज क्रय कर ग्रीष्मकाल में दलहन फसलों की बुआई एवं बीज उत्पादन कार्यक्रम अन्तर्गत बोए गए रकबे का शतप्रतिशत पंजीयन करें जिससे आगामी वर्षों हेतु जिले में पर्याप्त उड़द, मूंग बीज की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।
