पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव ने किया राज्यपाल के गोद ग्राम का निरीक्षण

विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीणों की आर्थिक सुदृढ़ीकरण का आधार: श्रीमती निहारिका बारिक
गरियाबंद, 23 जनवरी 2026/पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक ने राज्यपाल रमेन डेका के गोद ग्राम बिजली (मड़वाडीह) का औचक निरीक्षण किया। इस अवसर पर मनरेगा आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा, एनआरएलएम के एमडी अश्वनी देवांगन कलेक्टर बीएस उईके, उप सचिव एस. आलोक, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रीमती बारिक ने गोद ग्राम पंचायत बिजली मड़वाडीह में ग्रामीणों एवं महिला स्व-सहायता समूहों से चर्चा करते हुए समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने विकसित भारत जी राम जी योजना की जानकारी साझा करते हुए बताया कि पहले यह योजना 100 दिनों की कार्य अवधि तक सीमित थी, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण आजीविका को वैधानिक संरक्षण मिलने के साथ-साथ जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। उन्होंने बताया कि मजदूरी भुगतान साप्ताहिक आधार पर अथवा किसी भी स्थिति में कार्य समाप्ति के 15 दिनों के भीतर किया जाना अनिवार्य है।
स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा के दौरान श्रीमती बारिक ने मड़वाडीह की श्रीमती मिथलेश्वरी धु्रव से बातचीत की। उन्होंने बताया कि डेढ़ लाख रुपये का ऋण लेकर 1200 फीट की सेंट्रिंग प्लेट खरीदी गई है, जिससे प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत एक समय में लगभग चार घरों में कार्य किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि चार माह में लगभग 30 लाख रुपये की आय अर्जित हुई है, जो कुल व्यय का लगभग एक-चौथाई है। जिले में लखपति दीदियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। प्रमुख सचिव ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत घर-घर जल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही जय फणीश्वर एग्रो महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड द्वारा “त्रिवेणी” ब्रांड नाम से हल्दी एवं मिर्च की पैकिंग एवं विक्रय की गतिविधियों का अवलोकन किया। समूह द्वारा अब तक 50 किलो से अधिक उत्पाद का विक्रय कर आय अर्जित की जा चुकी है। उन्होंने सुझाव दिया कि धान के स्थान पर मिर्च अथवा हल्दी जैसी नकदी फसलों की खेती कर कच्चे माल का स्वयं उत्पादन कर अधिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है।
समूहों द्वारा दोना-पत्तल निर्माण मशीन, मशरूम उत्पादन हेतु शेड निर्माण तथा मूंगफली दाना पृथक्करण मशीन की मांग रखी गई, जिस पर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को निर्देशित किया गया कि संबंधित योजनाओं के अंतर्गत आवश्यक सहायता प्रदान की जाए। श्रीमती बारिक ने आंगनबाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने गर्म भोजन व्यवस्था, रसोई की स्वच्छता, बच्चों की उपस्थिति एवं कुपोषण की स्थिति की जानकारी ली। इसके साथ ही गांव में पूर्ण आवास निर्माण की प्रगति का अवलोकन करते हुए हितग्राही रामेश्वर पटेल के आवास का निरीक्षण किया। गोद ग्राम में कचरा प्रबंधन व्यवस्था की भी जानकारी ली गई, जिसमें नियमित सफाई, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण एवं सफाई कर्मियों के मजदूरी भुगतान की स्थिति का अवलोकन किया गया। ग्राम पंचायत में संचालित डिजिटल सुविधा केंद्र के माध्यम से हो रहे दैनिक ट्रांजेक्शन एवं ग्रामीण स्तर पर डिजिटल सेवाओं के विस्तार के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए। इसके पश्चात ग्राम श्यामनगर में संचालित आजीविका केंद्र का निरीक्षण किया गया, जहां उगता सूरज, जय ठाकुर देव एवं जय महामाया समूह द्वारा सिलयारी पत्तों की सिलाई कर पारंपरिक दोना-पत्तल निर्माण कर आय अर्जित की जा रही है। इस कार्य की सराहना करते हुए प्रमुख सचिव ने कहा कि महिलाएं आज परिवार की रीढ़ बन चुकी हैं और किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। इस अवसर पर ग्राम पंचायत बिजली की सरपंच श्रीमती पद्मा निषाद, ग्राम श्यामनगर के सरपंच, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीणजन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।