शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना के लिए मंत्री ने किया भूमिपूजन
शहीद वीर नारायण सिंह केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत
महासमुंद में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित करने के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम तहसील कार्यालय के समीप संपन्न हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास एवं कृषि मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
आदिवासी समाज के पारंपरिक पूजा-पाठ के साथ भूमिपूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने की। इसका आयोजन छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ जिला महासमुंद, 52 गढ़ गोंड समाज महासमुंद और आदिवासी समाज महासमुंद के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। समारोह में विशिष्ट अतिथियों के रूप में राज्य बीज विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर और अनुसूचित जनजाति आयोग के रूप सिंह मंडावी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दिशा रामस्वरूप दीवान, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ के प्रांताध्यक्ष आर.एन. ध्रुव, केंद्रीय गोंड महासभा धमधागढ़ के अध्यक्ष कमलेश ध्रुव सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि यह जनजातीय गौरव दिवस गुरु घासीदास जयंती के विशेष अवसर पर मनाया जा रहा है, जो देश के लिए अमृत काल का गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप जनजातीय गौरव के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला।
नेताम ने बताया कि नया रायपुर में आदिवासी समाज के योगदान को अमर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से एक भव्य संग्रहालय बनाया गया है, जिसे देशभर से लोग देखने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश में जनजातीय उत्थान और विकास के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। मंत्री ने बताया कि राज्य में धरती आबा और पीएम जनमन योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य जनजातीय समुदायों का उत्थान और विकास सुनिश्चित करना है। जिसमें आदिवासी गांवो में, सड़क, बिजली, पानी और नौकरी की समुचित व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने में कृषि विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को एकीकृत कृषि आधारित खेती करने प्रोत्साहित करें। गाय पालन भी करें । युवाओं को दिल्ली में निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। प्रयास स्कूल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है।उन्होंने कृषि,पशुपालन, उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ लेने कहा। उन्होंने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह केवल आदिवासी समाज ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध सबसे पहले संगठित संघर्ष कर देशभक्ति, साहस और त्याग का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उनकी प्रतिमा की स्थापना आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास, संस्कृति और स्वाभिमान से जोड़ने का कार्य करेगी। राज्य शासन जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
महापुरुषों को सम्मान देना सच्ची श्रद्धांजलि
अध्यक्षता करते हुए विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि महासमुंद की पावन धरती पर शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापित होना गर्व का विषय है। यह प्रतिमा जनजातीय समाज के संघर्ष, बलिदान और आत्मसम्मान की प्रतीक बनेगी। उन्होंने कहा कि समाज के महापुरुषों को सम्मान देना ही सच्ची श्रद्धांजलि है और ऐसे आयोजनों से समाज में एकता और जागरूकता बढ़ती है।
उन्होंने अंचल में विकास को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार किसानों की आय दुगुना करने संकल्पित है। इसी कड़ी में सिंचाई क्षमता को बढ़ाने जिले में 3200 करोड़ की लागत से सिकासर बांध गरियाबंद से शहीद वीर नारायण सिंह जलाशय कोडार में पानी लाने की व्यवस्था कर रहे है। श्री सिन्हा ने बताया कि 650 करोड़ की लागत से सिरपुर बैराज भी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग स्वाभिमानी है और अन्याय के खिलाफ नहीं झुकते।आदिवासी समाज किसी से पीछे नहीं है।आज हमारे मुख्यमंत्री भी आदिवासी समाज से है। विकसित भारत के निर्माण में महासमुंद की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
गौरव दिवस नायकों के स्मरण का दिन
समारोह को संबोधित करते हुए अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस हमारे नायकों को स्मरण करने और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का दिन है। छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज एक अलग ही पहचान रखता है। उन्होंने समाज के क्रमिक विकास और विस्तार के संदर्भ में जानकारी दी। समाज के पदाधिकारी एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर समाज को दिशा दी। उनकी शहादत हमें सिखाती है कि अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर संघर्ष करना आवश्यक है। समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी कमलेश ध्रुव एवं आर एन ध्रुव ने भी संबोधित किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा और शहीद वीर नारायण सिंह के शहादत पर अपने प्रेरक विचार रखे। इन्होंने कहा कि दोनों वीर अंग्रेजी हुकूमत और प्रतिकूल परिस्थिति के खिलाफ उठ खड़े हुए।
कार्यक्रम के दौरान विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भूमिपूजन सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, परिक्षेत्र एवं बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के संदेश के साथ हुआ।
