खरोरा के शहीद स्मारक में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम

7 शहीद परिवारों व अग्निवीर में चयनितों का सम्मान
महासमुंद। खरोरा स्थित शहीद स्मारक में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 का युद्ध 3 दिसंबर को शुरू हुआ और 13 दिनों तक चला। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के 93 हजार सैनिकों ने भारत और बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी की संयुक्त सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दिन भारतीय जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया, इसलिए हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है। जो 1971 के युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की विजय का स्मरणोत्सव है। इसी कड़ी में विजय दिवस के 54वीं वर्षगांठ और आपरेशन सिंदूर की सफलता के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक जिला इकाई महासमुंद ने इस पल को यादगार बनाने के लिए खरोरा स्थित शहीद स्मारक पर एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कर्नल एडम कमांडेंट कोसा हेडक्वार्टर रायपुर के अभिषेक यूनियाल उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने छत्तीसगढ़ के शहीद जवानों के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। पश्चात उन्होंने 7 शहीद परिवारों का शॉल व श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। साथ ही पूर्व सैनिकों द्वारा प्रशिक्षित 05 नवजवानों का अग्निवीर में चयन होने पर उन्हें भी सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि हमारी सेना ने 16 दिसंबर 1971 को अपने शौर्य से न केवल पाकिस्तान को हराया बल्कि उनके 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया था उसी उपलक्ष्य में हम आज विजय दिवस मना रहे हैं। जिसमें 19 पूर्व सैनिक और पूरे नगरवासियों का सहयोग प्राप्त हुआ।
शहीद के परिजनों का कहना है कि ये सम्मान पाकर हमें गर्व महसूस होता है। कार्यक्रम में कॉलेज की छात्राओं ने आपरेशन सिंदूर पर आधारित बहुत ही मनमोहक रंगोली बनाई थी, जिसका अवलोकन मुख्य अतिथि ने किया। कार्यक्रम में नेत्रहीन फॉर्चून स्कूल, महर्षि विद्या मंदिर, बचपन स्कूल, श्याम बालाजी कॉलेज एवं कर्मा कॉलेज के छात्र-छात्राओं देश भक्ति कार्यक्रम की प्रस्तुति कर समा बांध दिया।