कृषि से आत्मनिर्भरता और शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ता मंडावी परिवार

किसान हितैषी व कल्याणकारी सरकार के निर्णय से चहुंओर आ रही खुशहाली
उत्तर बस्तर कांकेर, 16 दिसम्बर/ सही दिशा, निरंतर मेहनत और शासन की योजनाओं के प्रभावी सहयोग से आज ग्रामीण एवं सुदूर वनांचल क्षेत्रों के कई किसान परिवार भी आत्मनिर्भरता, शिक्षा और प्रगति के पथ पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं। इसका ज्वलंत उदाहरण जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र के ग्राम टेमरूपानी का कृषक परिवार है। अंतागढ़ ब्लॉक के ग्राम टेमरूपानी निवासी किसान विजय मंडावी ने बताया कि उनके पिता के पास कुल 15 एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर पूरा परिवार मिलकर कृषि कार्य करता है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र भैंसासुर में 150 क्विंटल धान बेचकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनके परिवार में कुल 6 सदस्य हैं, जिनमें माता-पिता पूर्ण रूप से खेती से जुड़े हुए हैं और अपनी मेहनत से पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। कृषि से प्राप्त आय से परिवार ने न केवल आर्थिक स्थिरता व आत्मनिर्भरता हासिल की है, बल्कि अपनी शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है। मंडावी ने बताया कि वह स्वयं फार्मेसी की पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं उनके छोटे भाई आईटीआई तथा छोटी बहन बी.कॉम की शिक्षा प्राप्त कर रही है। सुदूर एवं आंतरिक क्षेत्र में निवास करने वाला यह कृषक परिवार शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है।
विजय ने बताया कि कृषि से होने वाली आय से वे ट्रैक्टर की किश्त का भुगतान कर रहे हैं तथा भविष्य में इसी आय का उपयोग अपने पिता के मार्गदर्शन में परिवार के सदस्यों की शिक्षा एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में करेंगे। उन्होंने किसानों के हित में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने उनके परिवार को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है। इससे यह स्पष्ट है कि यदि संकल्प मजबूत हो, परिश्रम निरंतर हो और किसानों के कल्याण व हितों को सर्वोपरि रखने वाले शासन का सहयोग मिले, तो दूरस्थ वनांचल इलाके के किसान परिवार भी शिक्षा के माध्यम से उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो सकते हैं।