मानव अधिकार दिवस पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को बताया गया कानूनी अधिकार
नारायणपुर, 10 दिसम्बर 2025// प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव श्रीमती किरण चतुर्वेदी के आदेशानुसार, तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर के अध्यक्ष हरेंद्रसिंह नाग अपर सत्र न्यायाधीश एवं कुमारी प्रतिभा मरकाम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर के निर्देशानुसार चंद्र प्रकाश कश्यप रिटेनर अधिवक्ता नारायणपुर प्रबंध कार्यालय के नेतृत्व में अधिकार मित्र घासी राम नेताम ,प्रतिमा दोदी ,अर्चना बघेल सहित शासकीय स्वामी आत्मानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मानव अधिकार दिवस के अवसर पर विशेष शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में चंद्र प्रकाश कश्यप रिटेनर अधिवक्ता द्वारा 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानव दिवस क्यों मनाया जाता है इस संबंध में विस्तार पूर्वक बताया कि 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ के द्वारा सार्वभौमिक मानव अधिकार के घोषणा पत्र में निर्विरोध रूप से सभी देशों के प्रतिनिधि ने हस्ताक्षर कर मानव अधिकार का 30 अनुच्छेद में व्याख्या किया। भारत में 1993 में मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम पारित किया और सर्वप्रथम मानव अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष न्याय मूर्ति रंगनाथ मिश्र जी थे भारतीय संविधान में प्रदत मूल अधिकार, व्यक्ति की स्वतंत्रता समानता और प्रतिष्ठा से संबंधित एवं संयुक्त राष्ट्र की घोषणा पत्र में उपबंधित अधिकार मानव अधिकार के परिभाषित में आते हैं। व्यक्ति की ऐसी अधिकारों के उल्लंघन होने पर या अधिकारों का पालन नहीं करने पर मानव अधिकार आयोग में पीड़ित व्यक्ति द्वारा स्वयं उपस्थित होकर या डाक द्वारा या इंटरनेट के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। अपराध घटित होने के 1 वर्ष के भीतर आवेदन करना होता है यदि आयोग के अतिरिक्त न्यायालय में लंबित अपराध है वहां पर लागू नहीं होता। इस प्रकार मानव अधिकार से संबंधित अधिकार एवं होने वाले अपराध के संबंध में विस्तार पूर्वक विधिक जानकारी दिया गया। अधिकार मित्र घासी नेताम के द्वारा बालविवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई। कार्यक्रमें महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य भगवान दास चाणक्य, कार्यक्रम के संचालक डॉक्टर श्रीमती मीनाक्षी ठाकुर राजनीति विभाग, राजेन्द्र यादव एवं प्रोफेसरगण और विद्यार्थिगण उपस्थित रहे।
