प्रति बोरी में एक किलो अधिक धान लिए जाने की शिकायत
किसानों ने लगाएं खरीदी प्रभारी पर अनेक गंभीर आरोप, कलेक्टर से हटाने की मांग
महासमुंद। प्राथमिक सेवा सहकारी समिति मर्या. बरेकेल (क्र. 1111) के तहत संचालित धान खरीदी केंद्र डिघेपुर के खरीदी प्रभारी और प्राधिकृत अधिकारी पर मनमानी, दुर्व्यवहार, वजन में हेराफेरी और नमी के नाम पर कटौती का आरोप लगाते हुए किसानों ने उन्हें तत्काल हटाने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन सौंपा है। किसानों ने कहा कि प्रति कांटे वजन पर 1 किलो की चोरी की जा रही है। किसान अश्विनी ध्रुव और पुरुषोत्तम साहू ने इस धोखाधड़ी को उजागर करने के लिए एक सीधा तरीका अपनाया। उन्होंने अपने स्वयं के वजन को पहले एक स्थानीय दुकान के भरोसेमंद कांटे पर तौला और फिर खरीदी केंद्र के कांटे पर। अश्विनी ध्रुव के धान का वजन स्थानीय दुकान में 64.300 किलो, लेकिन सोसाइटी के कांटे में यह 63.300 किलो निकला जिसमें सीधा 1 किलो का अंतर आया । इसी तरह, हेतराम साहू का वजन बाहर 54.300 किलो, जबकि खरीदी केंद्र में यह 53.300 किलो दर्ज किया गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह हेराफेरी सुनियोजित तरीके से की जा रही है, जिससे हर किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है। भंडा फोड़ होने के तुरंत बाद, खरीदी प्रभारी ने आनन-फानन में कांटा सत्यापन रजिस्टर तैयार कर किसानों के हस्ताक्षर लेना शुरू कर दिया, जबकि पहले ऐसा कोई रजिस्टर मेंटेन नहीं किया जाता रहा है।
नमी के नाम पर मनमाना कटौती
वजन में गड़बड़ी के अलावा, ग्रामीणों ने धान खरीदी प्रभारी और प्राधिकृत अधिकारी पर लगातार दुर्व्यवहार करने और नमी के नाम पर अवैध कटौती करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। किसानों का कहना है कि खरीदी प्रभारी मनमाने ढंग से प्रति किसान 2 से 3 कट्टा धान काट रहे हैं, जबकि धान कटौती का कोई वैध नियम या कारण मौजूद नहीं है। किसान राधेश्याम ठाकुर ने कहा कि उनके धान में केवल 17 प्रतिशत नमी रही, जो कि स्वीकार्य सीमा में है, बावजूद उनके 2 कट्टे धान काट लिए गए।
खरीदी केंद्र में रिश्तेदारों को नियुक्त करने का आरोप
समिति के प्राधिकृत अधिकारी पर धान खरीदी केंद्र में अपने रिश्तेदारों को नियुक्त कर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर घोटाले को अंजाम देने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रिश्तेदारों की यह अनौपचारिक नियुक्ति भ्रष्टाचार को मजबूत करने और धांधली को बिना किसी रोकटोक के चलाने के लिए की गई है। ग्राम पंचायत जंघोरा, डिघेपुर, बरेकेल, ठाकुरदिया खुर्द और अरण्ड के किसान, जो इस खरीदी केंद्र पर अपना धान बेचते हैं। उन्होंने मांग की है कि धान खरीदी को सुचारू और पारदर्शी तरीके से चलाने के लिए समस्त वर्तमान स्टाफ को तत्काल प्रभाव से हटाकर उनकी जगह दूसरे स्टाफ को नियुक्त किया जाए।
बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि यह भ्रष्टाचार आज का नहीं है। पूर्व में भी सरपंच मनोज सिन्हा ने पिछले तीन महीनों से बरेकेल सोसाइटी में हो रहे इन गंभीर अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर, पंजीयक और नोडल अधिकारी से लगातार लिखित और मौखिक अवगत कराया है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। इस लापरवाही ने भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले बुलंद किए और उन्हें किसानों के साथ धोखाधड़ी जारी रखने का अवसर दिया।
