मेडिकल पीजी सीटों में कटौती का विरोध, जूनियर डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया

शासन – प्रशासन से पुरानी नीति बहाल करने की मांग
महासमुंद। छत्तीसगढ़ में जूनियर डॉक्टरों ने मेडिकल पीजी सीटों में कटौती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। रेगुलर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के बैनर तले मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों (जेडी) ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया। इस दौरान डॉक्टरों ने छत्तीसगढ़ सरकार की नई नीति के विरोध में जमकर नारेबाजी की। नई नीति के तहत पीजी प्रवेश में राज्य के कोटे की सीटों में कटौती की गई है, जिससे डॉक्टर नाराज हैं।
जूनियर डाक्टर डॉ. भुपेंद्र सिन्हा, डॉ मुकेश साहू, डॉ अंकुर साहू, डॉ अंकिता कुजुर, डाॅ अरविंद खलको, डॉ आकाश डोगरे, डॉ हेमंत कोसरिया, डॉ भुनेश्वरी ध्रुव, डॉ भाविका साहू, डॉ रुपेन्द्र चौधरी, डॉ चंद्राकांत ध्रुव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल की लगभग 400 पीजी सीटें हैं। पहले इनमें राज्य सरकार और केंद्र सरकार का 50-50 प्रतिशत कोटा था। हालांकि, नई नीति के तहत छत्तीसगढ़ के कोटे की सीटों को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि 75 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कोटे के लिए निर्धारित की गई हैं। राज्य के कोटे में केवल 25 प्रतिशत सीटें बचने से छत्तीसगढ़ में पीजी की तैयारी कर रहे छात्रों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह उनके लिए उच्च शिक्षा के अवसरों को सीमित करेगा। डॉक्टरों ने चिंता जताई कि ऑल इंडिया कोटे से आने वाले बाहरी छात्र अपनी पढ़ाई पूरी करने और 2 साल का बॉन्ड पूरा करने के बाद छत्तीसगढ़ छोड़कर चले जाएंगे। इससे राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी बनी रहेगी, जिससे छत्तीसगढ़ की जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित होना पड़ेगा। जूनियर डॉक्टरों ने प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन से पूर्व में निर्धारित नियमों को फिर से लागू करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे न्यायालय का सहारा लेंगे।