मां की रोटी कैंटीन का अफसरों ने लिया जायजा
घर जैसा स्वाद और स्वच्छता के साथ भोजन उपलब्ध
महासमुंद। लोगों को किफायती दर पर भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित ‘मां की रोटी’ महिला कैंटीन का अवलोकन एसबीआई फाउंडेशन के अधिकारियों ने किया। इस दौरान अधिकारियों ने कैंटीन की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और महिला स्व-सहायता समूह की सदस्याओं से चर्चा की।
कार्यक्रम गरिमा भवन में आयोजित हुआ, जिसमें जनपद सीईओ बीएस मांडवी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मां फाउंडेशन के पदाधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। एसबीआई फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सीईओ जगन्नाथ साहू ने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ‘मां की रोटी’ कैंटीन इस दिशा में सराहनीय पहल है, जहां मात्र 50 रुपए में गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ के पांच स्थानों पर यह कैंटीन संचालित है।
जनपद सीईओ मांडवी ने कहा कि यह गर्व की बात है कि महिला समूह द्वारा शहर में घर जैसा स्वाद और स्वच्छता के साथ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि कैंटीन में छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों को भी जोड़ा जाए तो इससे आर्थिक लाभ और बढ़ेगा। इस अवसर पर एसबीआई फाउंडेशन से सुभाषित मंडल, राजश्री वर्मा तथा मां फाउंडेशन से प्रियंका कामटे, रंगत मिश्रा व संजय तारम उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि ‘मां की रोटी’ कैंटीन का संचालन जय गंगा महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिसमें 12 महिलाएं निरंतर कार्यरत हैं। कैंटीन स्टेशन रोड स्थित परिसर में प्रतिदिन सुबह 9 से शाम 7 बजे तक खुला रहता है, जहां मात्र 50 रुपए में पौष्टिक थाली उपलब्ध है। महिला समूह की मार्गदर्शक प्रेमशीला बघेल ने बताया कि इस पहल से न केवल किफायती भोजन उपलब्ध हो रहा है बल्कि महिला समूहों को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बनाया जा रहा है।
