किशोरावस्था में बच्चों की समझ नाजुक होती है प्यार से समस्या जानने की कोशिश करें: हुलसी

पोषण आहार के साथ व्यवहार का भी ध्यान रखने पर जोर
यूनिसेफ और एनआईटी रायपुर द्वारा खेल कलेवा कार्यक्रम
महासमुंद। ग्राम पंचायत बेलसोंडा में किशोरों में एनीमिया की रोकथाम और समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष खेल कलेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यूनिसेफ और एनआईटी रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन महासमुंद का भी सहयोग मिला।
मुख्य अतिथि जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चंद्राकर रहीं। बेलसोंडा विद्यालय परिसर में हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों को सही पोषण, विविध आहार, खेल के महत्व और संवाद के माध्यम से जागरूक करना था। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में इन विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में माताओं और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक खेल कलेवा में भाग लिया। हुलसी ने महिलाओं से कहा कि अपने बच्चों का किशोरावस्था में विशेष रूप से पोषण आहार के साथ व्यवहार का भी ध्यान रखने की जरूरत है। 14 से 17 के किशोरावस्था में बच्चों की समझ नाजुक होती है। अपने बच्चों के आचरण में परिवर्तन दिखता है या अकेलेपन रहता है तो उसे प्यार से पूछकर समस्या जानने की कोशिश करें, ना कि डांटे, फटकारें। डराने से गलत कदम भी बच्चे उठा लेते हैं। प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पालकों द्वारा विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। पौष्टिकता व्यंजन का गुणवत्ता का चयनित कर तीन माताओं को पुरुस्कृत किया गया। 24 किशोरावस्था बालक-बालिकाओं का चयन कर उन्हें मेनू चैट दिया गया। जिसमें प्रतिनिधि का पोषक आहार चैट में भरेंगे। जिसका हर हफ्ते यूनिसेफ व महिला बाल विकास विभाग से मॉनिटरिंग होगी। कार्यक्रम में सरपंच प्रीति धीवर, पंच सरिता देवांगन आदि मौजूद रहे।