सरकार की मंशा पूरे प्रदेश को शराब में डुबोने की: विनोद

खुलेआम शराब परोसने की अनुमति दे रही सुशासन की सरकार
महासमुंद। पूर्व संसदीय सचिव विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार पूरे प्रदेश को शराब का गढ़ बनाने की योजना पर काम कर रही है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी पर कोई सवाल ना उठा सके इसलिए सरकार यह नीति अपनाकर युवाओं को नशे के गर्त में धकेल रही है। प्रदेश के इस भयावह स्थिति पर भाजपा के तमाम नेता, महिला मोर्चा की बहनें खामोश हैं। कांग्रेस सरकार के समय महिला मोर्चा की बहनों ने शराबबंदी की मांग को लेकर अनेक बड़े आंदोलन किए थे। भाजपा मोर्चा की इन बहनों को कांग्रेस शासन के समय शराब में बुराई नजर आती थी, अब जब प्रदेश में उन्हीं की सरकार है, शराबबंदी आसानी से वे करा सकती हैं, लेकिन इस मामले को लेकर उनकी खामोशी केवल यही साबित करती है, कि शराबबंदी को लेकर जो आंदोलन उन्होंने की वह केवल एक राजनीतिक स्टंट था।
श्री चंद्राकर ने आगे कहा कि पूरे प्रदेश के प्रत्येक ग्रामों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। अवैध बिक्री सरकार, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के संरक्षण में हो रही है। सरकार की मंशा पूरे प्रदेश को शराब में डुबोने की है। पहले तो 67 नई दुकानें खोली गई, जिससे शराब दुकानों में बढ़ोतरी हुई। चखना सेंटर खोलकर ठेके में दिया जा रहा है इसमें भी सरकार का पेट नहीं भरा तो छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 62 की उपधारा (2) में प्रदत्त शक्तियों का दुरुपयोग करते हुये वाणिज्य कर (आब.) / पांच (32), दिनांक 23.04.2013 में संशोधन करते हुए एफ.एल.5क के तहत अब नगण्य शुल्क लेकर आवेदकों को निजी भवन, फार्म हाउस, निजी कार्यक्रम, होटल, रेस्टोरेंट, शादी घर, इवेंट कंसर्ट, लाइव कार्यक्रम, संगीत, नृत्य कार्यक्रम, नव वर्ष समारोह, क्रिकेट मैच आदि अन्य कोई भी कार्यक्रम में शराब परोसी जा सकती है।

इन्हें भी पढ़े