सीईओ ने किया राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत हर्बल गुलाल व अगरबत्ती निर्माण कार्यों का अवलोकन
बालोद, 04 मार्च 2025। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. संजय कन्नौजे ने गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा में बिहान योजना अंतर्गत स्वसहायता समूह की महिलाओं द्वारा हर्बल गुलाल निर्माण का अवलोकन किया। सीईओ डाॅ. कन्नौजे ने समूह की महिलाओं को स्वयं तथा अन्य लोगों को भी हर्बल गुलाल के उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ ही निर्मित किए जा रहे हर्बल गुलाल के बेहतर पैकेजिंग एवं हर्बल गुलाल के बिक्री हेतु किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। उन्होंने हर्बल गुलाल के विक्रय के लिए समूह की महिलाओं को जिला एवं ब्लाक मुख्यालय के थोक एवं फुटकर विक्रेताओं से संपर्क कर हर्बल गुलाल के विक्रय हेतु समन्वय स्थापित करने को कहा। उन्होंने हर्बल गुलाल की आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही। जिससे हर्बल गुलाल और अधिक प्रतिस्पर्धा के साथ बाजार में व्यापक विक्रय हेतु उपलब्ध हो सके। इस दौरान सहायक विकास विस्तार अधिकारी श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर ने बताया कि समूहों की ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल का रायपुर के व्यापारी से 200 किलोग्राम गुलाल का आर्डर प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि हर्बल गुलाल का मूल्य 100 से 120 रु. प्रति किलो रखा गया है। सीईओ डॉ. कन्नौजे ने हर्बल गुलाल की बिक्री हेतु स्थानीय बाजार एवं विभिन्न शासकीय कार्यालयों यथा जिला पंचायत, कलेक्ट्रेट, जनपद पंचायतों में स्टॉल लगाकर नियमित रूप से विक्रय करने को कहा। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजनांतर्गत जिले के गठित 20 क्लस्टर संगठनों की 172 महिलाओं द्वारा होली के अवसर पर हर्बल गुलाल (रसायन मुक्त) का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें नीम, पालक, गैन्दा, कनेर, पलास एवं चुकन्दर जैसे फुल, पत्तियों एवं फलों के रसो का प्रयोग कर यह हर्बल गुलाल तैयार किया गया। हर्बल गुलाल के प्रयोग से त्वचा की सुरक्षा एवं पर्यावरण में होने वाले वायु, पानी के प्रदूषण को कम करने एवं साथ ही साथ स्व-सहायता समूहों की ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को बढ़ाने हेतु हर्बल गुलाल के निर्माण एवं इसके उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। अब तक जिले में कुल 21 क्विंटल हर्बल गुलाल का निर्माण कर लिया गया हैं। जिसमें प्रमुख रूप से ग्राम धनोरा, कुलिया, कथान्दुर डूडेरा, दुधली, जमरुवा आदि ग्रामों में वृहद स्तर पर निर्माण कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ ही जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. कन्नौजे ने गुरुर विकासखंड में संचालित अगरबत्ती निर्माण इकाई का भी अवलोकन किया गया है। इस दौरान अगरबत्ती निर्माण इकाई की महिला ने बताया कि हम 8 महिलाओं द्वारा पिछले 02 वर्षों से अगरबत्ती का निर्माण किया जा रहा है। जिससे हमें प्रतिमाह 06 से 07 हजार रु. की आमदनी हो जाती हैं। परिवार के अन्य आय स्त्रोतों के साथ हम इस वर्ष लखपति बने हैं। सीईओ डॉ. कन्नौजे ने सभी महिलाओं को बधाई देते हुए ग्राम की अन्य महिलाओं को भी बिहान योजना अंतर्गत लखपति बनने हेतु प्रेरित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर उप संचालक पंचायत आकाश सोनी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे।
