वीर साहिबजादों का बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान, शहीदी दिवस पर कार्यक्रम
महासमुंद 27 दिसंबर 2024। सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह के दो वीर सपूतों साहेब सिंह और फतेह सिंह की शहादत के अवसर पर 26 तारीख को स्थानीय कचहरी चौक में शहीद परिवार के जीवनकाल को प्रदर्शित करती हुई चित्र प्रदर्शनी के साथ, जिला भाजपा के द्वारा वीर दिवस कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन सम्पन्न हुआ।
वीर बालदिवस कार्यक्रम में सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, पूर्व विधायक व चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विमल चोपड़ा मौजूद रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयं संघ प्रमुख संजय तिवारी, सिख समाज से गुरविंदर सिंघ, विधानसभा संयोजक चन्द्रहास चंद्राकर, जिला महामंत्री प्रदीप चंद्राकर, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी घनश्याम सोनी, विधानसभा सह संयोजक संदीप दीवान, सिख समाज अध्यक्ष दिलीप सिंह गुरुदत्ता, सर्वसमाज से देवेंद्र दुबे, वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी प्रलय थिटे, निरंजना शर्मा,एतराम साहू, मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र सिका, कार्यक्रम के जिला संयोजक सतपाल सिंघ पाली, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुधा साहू की उपस्थिति में दो वीर अमर बालकों के शहादत को नमन करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया | वीर बाल दिवस कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए जिला संयोजक सतपाल सिंघ पाली ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2022 से सिखपन्थ के गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी के 2 वीर सपूतों की शहादत की गाथा को जन जन तंक पहुंचाने प्रतिवर्ष 26 दिसंबर को वीर बालक दिवस मनाने का निर्णय लिया और साथ ही मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का भी आभार व्यक्त किया है कि पाठ्यक्रम में वीर साहिबजादों के अमर बलिदान को शामिल करने के लिए। मुगल साम्राज्य के अत्याचार एवं चांदनी चौक दिल्ली में गुरु तेग बहादुर जी की शहीदी से लेकर गुरुगोबिंद सिंह जी के आनंदपुर साहिब युद्ध के बाद परिवार के बिछड़ने और साहिबजादों की शहीदी तक वृत्तांत का विस्तृत उल्लेख करते हुए कार्यक्रम संयोजक ने वीर बालकों को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता छग के संघ प्रान्त प्रचार प्रमुख संजय तिवारी ने वीर बाल दिवस के संदर्भ में अपने सम्बोधन में कहा कि 26 दिसम्बर का दिन हमें 2 अमरवीर सपूतों जोरावर सिंह और फतेह सिंह की वीरता और बलिदान की याद दिलाता है। पंजाब में मुगल शासकों के अत्याचार के विरोध में गुरु गोविंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना किया था। मुगलों ने 1705 में गुरुगोविंद सिंह जी को पकड़ने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी। जिसके कारण उन्हें अपने परिवार से अलग होना पड़ा। गुरु जी पत्नी माता गुजरी बाई और 9 साल के पुत्र जोरावर सिंह 6 वर्षीय फतेह सिंह को मुगलों ने गिरफ्तार कर जुल्मों सितम का कहर ढा दिया। परन्तु दोनों साहिबजादे निडर होकर उनके अत्याचार का साहस से सामना करते हुए शहीद हो गए। मुगलों ने उनकों जिंदा ही दीवारों पर चुनवाने की सजा दे दी। संघ प्रचारक श्री तिवारी ने भारत देश की आजादी में योगदान देने वाले महापुरुषों के संघर्षों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतदेश की धरती साहसी, वीर बलिदानियों की गौरवगाथा से भरी पड़ी हुई है।
सिख समाज के प्रतिनिधि गुरबिंदर सिंघ ने शहीद बालकों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन सिख समाज और भारतीय इतिहास के लिए बहुत खास मायने रखता है। धर्म और सिद्धान्तों की रक्षा के लिये बाबा जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने मुगल शासकों के सामने कभी घुटने नही टेके। धर्म परिवर्तन कर आजादी की जिंदगी जीने से बेहतर वीर बालकों ने धर्म की रक्षा के लिए दीवारों पर चुनकर मौत को गले लगाना पसन्द किया। गुरु गोविंद सिंह के चार साहिबजादों में से दो बड़े साहिबजादे अजीत सिंघ, जुझार सिंघ, मुगलों के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए थे। गुरुविंदर सिंघ ने कहा कि सिखपन्थ सदैव मोदी सरकार का आभारी रहेगा जिसकी वजह से आज पूरे देश में वीर बालक दिवस मनाना संभव हुआ।
सांसद रूपकुमारी चौधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुग़ल शासकों ने जिस तरह से इस देश को खंडित करने की कोशिश की, यहां की धर्म, संस्कृति को खंडित करने के साथ यहां की सम्पदा को लूटा वो इतिहास में हमने पढ़ा है। परन्तु आजाद भारत के इतिहास में सर्वाधिक समय तक देश की सत्ता में रहे ऐसे दलों ने इन परम वीरों को महत्व नही दिया। भाजपा की मोदी सरकार ने सिख पंथ के गौरवशाली इतिहास को देश के सामने रखा है इसके लिये देश की जनता मोदी जी के आभारी है।
विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा की सिख समाज के 10 वें गुरु गोविंदसिंह के परिवार के शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि का कार्यक्रम 21 दिसंबर से 26 दिसंबर तक चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 2022 में जो सराहनीय निर्णय लिया कि 26 दिसंबर को प्रतिवर्ष देश मे वीर दिवस के नाम से जाना जाएगा। आज देश इन महान शहीदों की शहादत से इतने विस्तार से परिचित हो रहा है।
पूर्व विधायक डॉ विमल चोपड़ा ने सिखपन्थ की गौरवगाथा का वर्णन करते हुए कहा कि देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सिख समाज ने जो योगदान दिया उसे पूरा देश नमन कर रहा है। पूर्व राज्यमंत्री पूनम चंद्राकर, भाजपा नेता प्रलय थिटे,सर्वसमाज से देवेंद्र दुबे ने भी गुरुगोविंद सिंह जी और उनके छोटे साहिबजादों जोरावर सिंह, फतेह सिंह सहित पूरे परिवार के बलिदान का विस्तार से उल्लेख करते हुए वीर दिवस के अवसर पर सभी को श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर सिख समाज के ज्ञानी जी के द्वारा अरदास कर कार्यक्रम का समापन किया गया। वीर बालक दिवस के कार्यक्रम का संचालन शहर संयोजक पार्षद महेन्द्र जैन और आभार जिला महामंत्री प्रदीप चंद्राकर ने की। कार्यक्रम में भाजपा के जिला मण्डल और मोर्चा प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओ सहित विभिन्न सामाजिक संगठन के प्रतिनिधियों और प्रबुद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
