जैविक कृषि सेवा केंद्र की स्थापना, किसानों को जैविक कृषि से संबंधित समस्त उत्पाद मिलने से मिलेगी राहत
दंतेवाड़ा, 12 दिसंबर 2024। जिला जैविक कृषि उत्पादन के लिए राज्य व देश में अपनी पहचान बना चुका है। जिले के 110 ग्राम के 65279 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में 10264 किसानों द्वारा वृहद क्षेत्र प्रमाणीकरण अपनाते हुये जैविक कृषि उत्पादन किया जा रहा हैद्य जिले के किसानों को जैविक कृषि में उपयोग किये जाने वाले जैविक खाद, जैविक दवाई, जैविक बीज आदि रियायत दर पर समय से आसानी से उपलब्ध करने हेतु जिला प्रशासन के सहयोग से जैविक कृषि सेवा केंद्र ( बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर दृ बी.आर.सी ) की स्थापना जिले के प्रत्येक विकासखंड में किया गया है जैविक कृषि सेवा केंद्र का संचालन लघु कृषक व्यापार संघ ( एस. एफ. एस. सी., भारत सरकार ) समर्थित फार्मर्स प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से जिले के किसानों द्वारा किया जा रहा है। जैविक कृषि सेवा केंद्र माध्यम से किसानों को जीवामृत, बीजामृत, धनजीवामृत, पंचगव्य, गौकृपामृत, हांडीदवा, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, आग्नेयास्त्र, मछली टॉनिक आदि उपलब्ध कराया जा रहा है. इन जैविक खाद व दवाईयों का निर्माण महिला किसानों के द्वारा स्थानीय स्तर पर ही किया जा रहा है। इस क्रम में दंतेवाड़ा ब्लॉक में जैविक कृषि सेवा केंद्र, दंतेश्वरी मंदिर मेन गेट जय स्तम्भ चौक नगर पालिका कॉम्प्लेक्स में है (मोबाइल न. 9479260303), गीदम विकासखंड में बाजारपारा परानु मंडावी कॉम्प्लेक्स नाका के पास (मोबाइल न. 9098064898), कुआकोंडा विकासखण्ड में नकुलनार कुंजाम कॉम्प्लेक्स स्वामी आत्मानंद स्कूल के पास है (मोबाइल न. 7000108444) और कटेकल्याण विकासखंड में मेन रोड पर ग्राम पंचायत शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में शॉप न. 2 व 3 है ( मोबाइल न. 9479215815) में स्थापित किया गया है।
