प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, उपभोक्ताओं ने छत पर बनाया खुद का बिजली घर, मिल रहा योजना का लाभ
उत्तर बस्तर कांकेर 6 दिसम्बर 2024। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य सौर ऊर्जा को घरों तक पहुंचाकर उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत सौर ऊर्जा अपनाने वाले नागरिकों को सरकार की ओर सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे इसकी लागत कम हो जाती है। जिले में इस योजना ने कई परिवारों की आर्थिक और ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया है। समीप के ग्राम ठेलकाबोड़ निवासी श्रीमती सुमित्रा मंडावी ने चार किलो वॉट का सोलर ऑन-ग्रिड प्लांट लगाया, जिससे उन्हें 78 हजार रूपए की सब्सिडी का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि उक्त योजना से विद्युत देयक में 80 प्रतिशत तक की बचत होती है। सरकार की सब्सिडी ने सौर ऊर्जा और अधिक आसान बना दिया है।
इसी तरह ग्राम पंडरीपानी के विद्युत उपभोक्ता धनेश साहू ने उक्त योजना के तहत अपने घर की छत पर तीन किलो वॉट का सोलर ऑन-ग्रिड रूफ टॉप प्लांट स्थापित किया है। श्री साहू ने बताया कि इस योजना के तहत मिलने वाले अनुदान से बिजली को और भी किफायती बना दिया है। यह योजना आम आदमी के लिए वरदान है। इसी प्रकार सुभाष वार्ड कांकेर के निवासी व्यवसायी मनोहर मंगलानी ने बताया कि उन्होंने भी तीन किलो वॉट का सोलर ऑन-ग्रिड प्लांट अपनी छत पर स्थापित कराया है। श्री मंगलानी ने कहा- ‘सौर ऊर्जा ने हमें आत्मनिर्भर बनाया है और सरकार की मदद से यह संभव हो पाया है।’ विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता सतीश किण्डो ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार ने सौर ऊर्जा सिस्टम बनाने के लिए सब्सिडी का प्रावधान किया है। इसके तहत एक किलो वॉट में 120 तक की बिजली फ्री रहेगी। इसमें 30 हजार रूपए की सब्सिडी दी गई है, जो एक छोटे घर के लिए लाभदायक है। इसी तरह दो किलो वॉट में 240 से अधिक यूनिट तक की बिजली फ्री रहेगी। इसके तहत 60 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाएगी, जो एक मध्यम घर के लिए लाभदायक होगा। इसी तरह तीन किलो वॉट में 360 तक यूनिट तक बिजली फ्री रहेगा, इसके तहत 78 हजार रूपए की सब्सिडी दी जाएगी, जो एक बडे़ घर के लिए लाभदायक है। उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ के तहत लगाए जाने वाले रूफ टॉप सोलर पैनल की 25 साल की वारंटी रहेगी तथा अधिकृत वेंडर द्वारा 05 साल तक प्लांट का संधारण किया जाएगा। ने छत्तीसगढ़ के परिवारों को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित की है। उन्होंने जिले के उपभोक्ताओं से शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने की अपील की है।
