निक्षय निरामय छत्तीसगढ़ के तहत 100 दिवसीय पहचान व उपचार अभियान 7 दिसंबर से 23 मार्च तक
उत्तर बस्तर कांकेर, 3 दिसम्बर 2024। शासन के निर्देशानुसार जिले के सभी ग्रामों में ‘निक्षय निरामय छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत 100 दिवसीय पहचान एवं उपचार अभियान 7 से 23 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। आयोजित समय-सीमा की बैठक के दौरान उक्त अभियान की जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने बताया कि इसके प्रथम चरण में 7 से 22 तारीख तक जनभागीदारी गतिविधियां और डोर-टू-डोर सर्वे किया जाएगा। इस दौरान टी.बी. के शंकास्पद मरीजों की खोज, उच्च जोखिम समूहों वाले व्यक्तियों का चिन्हांकन, कुष्ठ मरीजों की खोज, वयोवृद्ध स्वास्थ्य संरक्षण कार्यक्रम अंतर्गत वयोवृद्ध की हेल्थ प्रोफाईल के साथ सूची तैयार की जाएगी तथा मलेरिया की जांच एवं उपचार भी किया जाएगा। इसके अलावा अभियान के द्वितीय चरण में 23 दिसंबर से 28 फरवरी के बीच मलेरिया हेतु मॉप उप गतिविधि एवं फॉलो किया जाएगा। साथ ही निक्षय शिविर आयोजित कर कुष्ठ रोगी की पुष्टि की जाएगी। इस कार्य में मितानीन, आरएचओ, सीएचओ सहित टी.बी. मितान, कुष्ठ मित्र के वालेंटियर को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। बैठक में बताया गया कि अभियान के तीसरे चरण में 1 से 15 मार्च तक जनभागीदारी गतिविधियां आयोजित कर मरीजों का एक्सरे हेतु मोबिलाइजेशन किया जाएगा तथा अभियान के चतुर्थ चरण में 16 से 23 मार्च तक अंतिम रिपोर्ट तैयार कर संकलित किया जाएगा। यह मलेरिया मुक्त अभियान जिले के पांच विकासखण्डों कांकेर, भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, दुर्गूकोंदल और कोयलीबेड़ा के सभी ग्रामों में संचालित होगा।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश शांडिया ने बताया कि कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार अभियान की कार्ययोजना के अनुसार सर्वे दल द्वारा घर-घर भ्रमण करके टी.बी., कुष्ठ, मलेरिया के लक्षण के आधार पर संदेहास्पद रोगियों एवं वयोवृद्ध की हेल्थ प्रोफाइल के साथ शंकास्पद व्यक्तियों की सूची बनाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान का प्रचार-प्रसार के साथ मोहल्ले, वार्ड में सर्वे करने से एक दिन पूर्व कोटवार से मुनादी करवाई जाएगी।
