महानिरीक्षक पंजीयन होंगे मुदांक मामलों प्रथम अपीलीय अधिकारी, आदेश जारी
रायपुर, 04 अक्टूबर 2024। पंजीयन विभाग के मुद्रांक प्रकरणों के शीघ्र निराकरण हेतु प्रथम अपीलय अधिकारी संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन को बनाया गया है। राज्य शासन द्वारा इस संबंध में 27 अगस्त अधिसूचना का प्रकाशन कर दिया गया है। महानिरीक्षक पंजीयन को अपील का प्रावधान होने से पक्षकारों को सहूलियत होने के साथ ही मुद्रांक प्रकरणों का शीघ्रता से निराकरण होने के साथ-साथ अवरूद्ध राजस्व की वसूली समय पर हो सकेगी तथा शासन के राजस्व में वृद्धि होगी। यदि किसी दस्तावेज में कर को कम दिखाने के उद्देश्य से बाजार मूल्य अथवा वास्तविक मूल्य से कम अंकित किया जाता है तो ऐसे दस्तावेज न्यून मूल्यांकन की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में कलेक्टर प्रकरण दर्ज कर शुल्क की वसूली करते हैं। कलेक्टर द्वारा पारित आदेश से यदि पक्षकार संतुष्ट नही हैं तो ऐसे आदेश के विरूद्ध एक माह के भीतर अपील किये जाने का प्रावधान है। वर्तमान में ऐसी प्रथम अपील संभागीय आयुक्त को तथा द्वितीय अपील मुख्य नियंत्रक राजस्व प्राधिकारी को प्रावधानित है। मुद्रांक प्रकरणों के निराकरण के लिए कोई विहित समयसीमा निर्धारित नही है। प्रकरण लंबे समय तक लंबित रहने से शासन का राजस्व अवरूद्ध रहता है, इसे दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन द्वारा कलेक्टर के आदेश के विरूद्ध प्रथम अपील संभागायुक्त के स्थान पर महानिरीक्षक पंजीयन, को किये जाने संबंधी प्रावधान किया गया है।
