मुख्यमंत्री ने किया स्टॉलों का अवलोकन, हितग्राहियों दिए चेक व ट्रायसाइकल

बलरामपुर 3 अक्टूबर 2024। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा ‘‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’’ के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया गया। 20 विभागों द्वारा अपने विभागीय योजनाओं एवं उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई।
जिसके अंतर्गत आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा देवगुड़ी व आदिवासी संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई, जो कि आदिवासी समुदाय की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित करती है। इस प्रदर्शनी के माध्यम से, लोगों को आदिवासी समुदाय की विविधता, उनकी कला, संस्कृति, परंपराएं और जीवनशैली के बारे में जानकारी मिलती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनमन आवास एवं पीएम आवास के मॉडल से बदलते बलरामपुर की कहानी बयां की गई। यह मॉडल बलरामपुर के विकास और परिवर्तन का प्रतीक है। इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण बीसी सखी के माध्यम से पैसे का लेन-देन, नरेगा अंतर्गत अमृत सरोवर की झलक प्रदर्शित की गई है। कृषि विभाग द्वारा कृषियंत्रीकरण एवं ड्रोन दीदी का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सीएम के द्वारा तोता स्व-सहायता समूह की महिलाओं को कृषि मिनी राईस मिल का वितरण किया गया। समाज कल्याण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने 4 दिव्यांग साद राम, उषा राम, मीना व प्रदीप को बैटरी चलित ट्राईसायकिल का वितरण किया। पशुपालन विभाग ने अपने स्टॉल में विभागीय योजनाओं एवं कड़कनाथ मुर्गा पालन, बटेर, बत्तख पालन के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। स्टॉल में मुख्यमंत्री के द्वारा राकेश कुमार, मुन्नी बाई को उन्नत नस्ल का बकरा के लिए 4-4 हजार का चेक वितरण किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा स्थानीय व्यंजन व पौष्टिक आहार का प्रदर्शन कर समुदाय को स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जागरूक किया गया एवं स्थानीय व्यंजनों के साथ-साथ पौष्टिक आहार के बारे में बताया गया है। स्टॉल में पौष्टिक आहार के विकल्पों को प्रदर्शन के साथ स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया गया। क्रेडा विभाग द्वारा पीवीटीजी परिवारों में सोलर लाइट की झलक दिखाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और वंचित परिवारों को स्थायी ऊर्जा के साधन प्रदान करना है। इससे पर्यावरण की सुरक्षा के साथ ही पीवीटीजी परिवारों के जीवन में भी सुधार होगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान भारत और हेल्थ कैम्प के माध्यम से समुदाय को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत, गरीब और वंचित परिवारों को मुफ्त में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। स्टॉल में आमजनो को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने जानकारी दी गई। साथ ही खून जांच, रक्तचाप, मधुमेह जैसे विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच कर उचित परामर्श एवं निःशुल्क दवाई प्रदान की गई। शिक्षा विभाग द्वारा कबाड़ से जुगाड़ का प्रदर्शन किया गया। जिसमे छात्रों के सृजनात्मकता, नवाचार के बारे में जागरूक किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा कबाड़ सामग्री से बनाए गए विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन कर समुदाय को कबाड़ से जुगाड़ के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी मॉडल का प्रदर्शन किया गया। जिसमें शहरी क्षेत्रों में गरीब और वंचित परिवारों को सुलभ और सुरक्षित आवास प्रदान किया गया है, जिससे शहरी विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है। प्रदर्शनी में वन विभाग द्वारा हाथी से सुरक्षा के उपाय, वन्य जीव संरक्षण के मॉडल में वनों एवं वन्य जीवों के संरक्षण तथा उनके महत्व के बारे में लोगों को जागरूक किया गया। वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को प्रदर्शित करते हुए वन के संरक्षण के महत्व को समझाया गया है। उद्यान विभाग द्वारा फल-सब्जी एवं उन्नत कृषि तकनीक का प्रदर्शन, मछली पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य योजना अंतर्गत आधुनिक पद्धति से मछली पालन, छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी लोक सेवा केन्द्र, जल संसाधन विभाग द्वारा सिंचाई विभाग से संबंधित मॉडल का प्रदर्शन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सोलर स्ट्रक्चर, हैंडपंप चलित मॉडल, जल परीक्षण प्रदर्शनी, कौशल विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत योजनाओं का प्रचार, वाणिज्य एवं श्रम विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं की प्रदर्शनी, अग्रणी बैंक प्रबंधन द्वारा बैंकिग सेवांए की जागरूकता पर प्रदर्शनी लगाई गई।