पोषण पुनर्वास केन्द्र की देखभाल में ट्विंकल कुपोषण मुक्त

महासमुंद, 30 सितंबर 2024। पिथौरा ब्लॉक के घोघरा ग्राम पंचायत की डेढ़ वर्ष की मासूम ट्विंकल गंभीर कुपोषण से जूझ रही थी। कमजोर होने के कारण उसका शारीरिक विकास रुक सा गया था। ट्विंकल की मां उसे पिथौरा में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र ले गई। वहां से मिली जानकारी और स्थानीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मितानिन से संपर्क किया। उन्होंने एनआरसी के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और उन्हें ट्विंकल को इस केंद्र में भर्ती करने की सलाह दी।
एनआरसी में भर्ती होने के बाद ट्विंकल की नियमित देखभाल और पोषण पर विशेष ध्यान दिया गया। कार्यकर्ता ने ट्विंकल की मां को समझाया कि कुपोषण से बचाने के लिए पौष्टिक आहार कितना जरूरी है। उन्होंने काउंसलिंग के दौरान यह भी बताया कि बाजार से मिलने वाले खाने की चीजें ट्विंकल के लिए सही नहीं हैं, और घर का बना पौष्टिक भोजन ही उसे ताकत देगा। आंगनबाड़ी द्वारा प्रदाय रेडी टू ईट को खाने में शामिल करने की सलाह दी गई। कार्यकर्ता ने समझाया कि रेडी टू ईट को कैसे लपसी बनाकर खिलाया जाए, जिससे ट्विंकल के शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिल सकें। ट्विंकल की मां ने कार्यकर्ता की सलाह को पूरी तरह से मानते हुए उसी के अनुसार ट्विंकल का पोषण किया। सिर्फ एक महीने में ही ट्विंकल की सेहत में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उसका वजन बढ़ा और वह धीरे-धीरे स्वस्थ होने लगी। अब वह कुपोषण की स्थिति से बाहर आ गई है।