धरसींवा में बैंक संतृप्ति शिविर का आयोजन, ग्रामीणों को मिली बैंकिंग एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

एक ही स्थान पर बैंकिंग, बीमा, पेंशन, कृषि एवं आजीविका संबंधी योजनाओं की दी गई जानकारी
विभिन्न विभागों ने लगाए स्टॉल, आमजनों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए किया जागरूक
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026/ ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने तथा केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाने के उद्देश्य से बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्वावधान में रायपुर जिले के धरसींवा में बैंक संतृप्ति शिविर (सैचुरेशन कैंप) का आयोजन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं, सामाजिक सुरक्षा, बीमा, पेंशन एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही योजनाओं से संबंधित समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के उप महाप्रबंधक प्रदीप गोधूले, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप महाप्रबंधक प्रखर कुमार, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (एसएलबीसी) के सहायक महाप्रबंधक मनोज सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के उप क्षेत्रीय प्रबंधक अंकित जायसवाल, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशीष केशरवानी तथा ग्राम पंचायत के सरपंच साहिल खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
शिविर में अतिथियों ने वित्तीय समावेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों का प्रत्येक पात्र नागरिक बैंकिंग सेवाओं से जुड़े और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राप्त करे। बैंक खाता, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं न केवल आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती हैं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नागरिकों से बैंकिंग सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने और पात्रतानुसार योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।
शिविर में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जन-धन योजना सहित विभिन्न वित्तीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही आधार सीडिंग, ई-केवाईसी, री-केवाईसी, बैंक खातों में नामांकन तथा किसान क्रेडिट कार्ड से संबंधित सेवाओं के लिए नागरिकों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
शिविर में जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता निधि (DEAF) के अंतर्गत बैंकों में दावा न की गई जमा राशि के संबंध में भी जानकारी दी गई। संबंधित खातों की पहचान, पात्र दावेदारों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी तथा दावा प्रस्तुत करने की प्रक्रिया के बारे में नागरिकों को अवगत कराया गया।
शिविर की विशेषता यह रही कि बैंकिंग सेवाओं के साथ विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा भी स्टॉल लगाए गए। कृषि विभाग, मत्स्य पालन विभाग, पशुधन विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा फसल बीमा योजना से संबंधित प्रतिनिधियों ने ग्रामीणों एवं किसानों को योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी।
कृषि एवं फसल बीमा से संबंधित स्टॉलों पर किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए मार्गदर्शन दिया गया। वहीं पशुपालन, मत्स्य पालन और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को आय बढ़ाने एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी प्रदान की गई।
बैंक संतृप्ति शिविर के माध्यम से बैंकिंग संस्थाओं, जनपद प्रशासन, ग्राम पंचायत और विभिन्न शासकीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया। शिविर ने ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु मार्गदर्शन पाने का अवसर प्रदान किया।
शिविर के सफल आयोजन में बैंक अधिकारियों, विभागीय प्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण सहभागिता रही। इस प्रकार के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने, सामाजिक सुरक्षा का दायरा विस्तृत करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलेगी।

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