’महिला किसानों के आर्थिक स्वावलंबन का केंद्र बना कटगोड़ी का एकीकृत कृषि क्लस्टर’
’खेती के साथ पशुपालन और अन्य आजीविका गतिविधियों से बढ़ रहे आय के अवसर’
’ग्राफ्टेड टमाटर से बेहतर उत्पादन, 260 महिला किसानों ने अपनाई नई तकनीक’
कोरिया 17 अक्टूबर 2026/ सोनहत के वनांचल में महिला किसान अब परंपरागत खेती के साथ आधुनिक तकनीक और आजीविका के नए साधनों को अपनाकर आगे बढ़ रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत कटगोड़ी में गठित एकीकृत कृषि क्लस्टर उनके इन प्रयासों का केंद्र बन रहा है। यहां खेती के साथ सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, बकरी पालन और अन्य गतिविधियों के माध्यम से परिवारों की आय बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।
सोनहत के 12 गांवों को शामिल कर बनाए गए इस क्लस्टर में 1,200 किसान परिवारों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 360 परिवारों के साथ काम किया जा रहा है। उद्देश्य प्रत्येक परिवार को खेती के साथ तीन से चार अतिरिक्त कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ना है, ताकि उनके पास आय के विविध स्रोत उपलब्ध हों। इसके लिए आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, कृषि उपकरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
’ग्राफ्टेड टमाटर की खेती से बढ़ा भरोसा’
इस वित्तीय वर्ष में क्लस्टर के माध्यम से लगभग 260 महिला किसानों को ग्राफ्टेड टमाटर के पौधे उपलब्ध कराए गए। इस तकनीक से मिले बेहतर उत्पादन ने महिला किसानों का उत्साह बढ़ाया है।
ग्राम दामुज एवं अंगवाही की महिला किसान चंद्रावती और मंगली दीदी ने बताया कि ग्राफ्टेड पौधों से इस वर्ष टमाटर का उत्पादन पहले की तुलना में लगभग डेढ़ गुना हुआ है। उनके अनुसार, फसल की बिक्री से अब तक लागत से अधिक राशि प्राप्त हो चुकी है और इस बार लगभग दोगुना लाभ होने की संभावना है।
बेहतर परिणाम मिलने से किसान आगामी वर्ष के लिए भी ग्राफ्टेड टमाटर के पौधों की मांग दर्ज कराने लगे हैं। यह अनुभव ग्रामीण महिलाओं में आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने का विश्वास मजबूत कर रहा है।
’खेती के साथ पशुपालन से अतिरिक्त आय की पहल’
क्लस्टर में खेती के अलावा बैकयार्ड पोल्ट्री को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए किसानों को देशी प्रजाति के तैयार चूजे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बकरी पालन के लिए पांच मादा बकरी और एक बकरे की इकाई के माध्यम से आजीविका विकसित करने का कार्य किया जा रहा है।
इसके साथ बकरी शेड निर्माण, मत्स्य पालन, नकदी फसल उत्पादन और जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इन प्रयासों से किसान परिवारों की केवल एक फसल पर निर्भरता कम करने और अतिरिक्त आमदनी के अवसर तैयार करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
नियमित मार्गदर्शन से मिल रही आगे बढ़ने की दिशा
इस पहल में बिहान मिशन के साथ प्रदान संस्था के प्रतिनिधि भी किसानों को सहयोग दे रहे हैं। नियमित क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से फसल प्रबंधन, वैज्ञानिक तकनीक और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। इससे महिला किसानों को नई गतिविधियां अपनाने और खेती के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान करने में मदद मिल रही है।
कटगोड़ी का एकीकृत कृषि क्लस्टर महिला किसानों की मेहनत को व्यावसायिक दिशा देने का माध्यम बन रहा है। खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों में उनकी बढ़ती भागीदारी परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के साथ महिलाओं के आत्मविश्वास को भी नई ताकत दे रही है।
