स्पेशल लोक अदालत 21 नवंबर 2026 को होने वाले चेक बाउंस के मामले के संबंध में ली गई न्यायाधीशों की बैठक
कोरबा 16 अक्टूबर 2026/चेक बाउंस से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए 21 नवंबर 2026 को विशेष लोक अदालत आयोजित की जाएगी। विशेष लोक अदालत जिला न्यायालय व तालुका स्तर न्यायालय में आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश और सुप्रीम कोर्ट की विशेष पहल के तहत आयोजित इस लोक अदालत में परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत लंबित मामलों के निष्पादन पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आपसी सहमति से विवादों का समाधान कर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना है। विशेष लोक अदालत की तैयारियों और मामलो के निराकरण को लेकर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव की अध्यक्षता में दिनांक 15.10.2026 को न्यायिक अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें न्यायिक पदाधिकारीगण व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा की सचिव कु0 डिम्पल, शामिल हुए। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव ने कहा कि चेक बाउंस से जुड़े मामलों में आपसी समझौते से विवादों का समाधान संभव है। विशेष लोक अदालत पक्षकारों को सरल और सुलभ तरीके से मामले निपटाने का अवसर देती है। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को अपने-अपने न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों को चिंहित कर समय पर आवश्यक कार्यवाई शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने आवश्यकता के अनुसार पक्षकारों के बीच प्री-काउंसलिंग और समझौता वार्ता आयोजित करने पर भी जोर दिया, ताकि विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया जा सके। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा सु़ मयुरा गुप्ता ने बताया कि न्यायालयों में लंबित मामलों के आधार पर संबंधित पक्षकारों को नोटिस भेजने सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाए पूरी किये जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। कु0 डिम्पल सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा द्वारा बताया गया है कि स्पेशल लोक अदालत के सफल आयोजन व क्रियान्वयन हेतु बैंक व फाइनेंस कंपनियों के अधिकारियों व अधिवक्तागणो के साथ बैठक आयोजित की जा रही है। जिससे अधिक से अधिक चेक बाउंस के प्रकरणों का निराकरण किया जाना सुनिश्चित किया जा सके।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोरबा श्रीमती नीता यादव ने न्यायाधीशगण को निर्देशित किया कि लोक अदालत की सफलता के लिए पक्षकारों को समय पर सूचना देना और उन्हें समझौते के लिए प्रेरित करना सुनिश्चित किया जावे। उन्होंने आम नागरिकों और संबंधित पक्षकारों से अपील की है कि परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत जिनका कोई मामला न्यायालय में लंबित है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा व संबंधित न्यायालय से संपर्क कर सकते है। पक्षकार प्री-सिटिंग या 21 नवंबर को आयोजित विशेष लोक अदालत में शामिल होकर समझौते के माध्यम से मामले के निपटारे की पहल कर सकते है। इस बैठक में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा सुश्री मयुरा गुप्ता, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा सत्यानंद प्रसाद, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा श्रीमती सोनी तिवारी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 डॉली ध्रुव, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा कु0 डिम्पल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 तृप्ति राघव, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कोरबा कु0 ग्रेसी सिंह, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा कु0 प्रिया, व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी कोरबा कु0 तृप्ति अग्रवाल उपस्थित रहे।
