मां महामाया तालाब में गंदगी का अंबार, सफाई में निकला दो डंपर कचरा
गणेश प्रतिमाओं के अवशेष, हवन सामग्री, नारियल के छिलके और पॉलीथिन मिलीं; पालिकाध्यक्ष ने कहा- तालाब की स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी
महासमुंद। नगर के आस्था के प्रमुख केंद्र मां महामाया तालाब में नगर पालिका द्वारा विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत तालाब की सफाई व्यवस्था का नगर पालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान तालाब से बड़ी मात्रा में कचरा निकाला गया। सफाई के दौरान गणेश प्रतिमाओं के अवशेष, हवन सामग्री, नारियल के छिलके, पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोरियां और पीओपी से बनी मूर्तियों के अवशेष मिले। सफाई कर्मचारियों ने घंटों मेहनत कर तालाब से करीब दो डंपर कचरा बाहर निकाला।
पालिकाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कहा कि नगर पालिका का प्रयास है कि मां महामाया तालाब की स्वच्छता लगातार बनी रहे। उन्होंने कहा कि तालाब की साफ-सफाई केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए नागरिकों का सहयोग भी जरूरी है। कई बार अपील और निवेदन के बावजूद लोग हवन एवं पूजा सामग्री बोरियों में भरकर तालाब में डाल देते हैं। वहीं पीओपी की मूर्तियों का विसर्जन भी तालाब में किया जाता है, जिससे जलस्रोत में गंदगी बढ़ती है और कचरे का अंबार लग जाता है।
आस्था के केंद्र को रखें स्वच्छ
साहू ने नगरवासियों से अपील की कि मां महामाया तालाब सभी की आस्था का केंद्र है। यहां नगर सहित दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में तालाब में गंदगी फैलने से धार्मिक आस्था के साथ-साथ जलस्रोत की स्वच्छता भी प्रभावित होती है। उन्होंने नागरिकों से हवन सामग्री, धूप-पूजा सामग्री तालाब में न डालने और निर्धारित कुंड में ही विसर्जित करने की अपील की। साथ ही पीओपी से बनी मूर्तियों का तालाब में विसर्जन नहीं करने को कहा।
उन्होंने कहा कि नगर की स्वच्छता और जलस्रोतों को साफ-सुथरा बनाए रखना नगर पालिका की प्राथमिकता है। इसके लिए जनसहयोग बेहद आवश्यक है। इस अवसर पर प्रभारी दिलीप चंद्राकर, सफाई सुपरवाइजर जीतू सोनी, गोपाल सोना सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे और सफाई अभियान में जुटे रहे।
