सेवा की कहानी : नक्सल भय से विस्थापन तक और अब अपने घर में सुकून का बसेरा
प्रधानमंत्री आवास योजना से श्रीमती बिसरी बाई नरेटी का पक्का घर बनाने का सपना हुआ साकार
उत्तर बस्तर कांकेर, 12 अक्टूबर 2026/कभी नक्सली हिंसा और भय के कारण अपना पैतृक गांव छोड़ने को मजबूर हुए माहला के ग्रामीण अब फिर से अपने गांव लौटकर नए सिरे से जीवन की शुरुआत कर रहे हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं उनके जीवन में खुशहाली और सुरक्षा का नया आधार बन रही हैं। इसी बदलाव की एक प्रेरक कहानी कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम माहला निवासी श्रीमती बिसरी बाई नरेटी की है, जिनका अपने पक्के घर का सपना प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से साकार हुआ है।
नक्सली हिंसा के भय से छोड़ना पड़ा था गांव
ग्राम माहला कभी नक्सली गतिविधियों से बुरी तरह प्रभावित रहा था। नक्सलियों द्वारा जन अदालत लगाकर ग्रामीणों की हत्या किए जाने और कई लोगों को जान से मारने की धमकियां दिए जाने के कारण गांव में भय का वातावरण था। ऐसी परिस्थितियों में अनेक ग्रामीणों को अपना घर-बार छोड़कर पखांजूर में बसने के लिए मजबूर होना पड़ा। नक्सलवाद के प्रभाव में कमी आने और परिस्थितियों में सुधार के बाद अब ग्रामीण अपने पैतृक गांव लौटकर फिर से बसने लगे हैं। उनके लिए अपने गांव में दोबारा जीवन शुरू करना केवल घर वापसी नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की ओर बढ़ता एक महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्के घर का सहारा
गांव में लौटकर बस रहे परिवारों को स्थायी आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम माहला के 35 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें श्रीमती बिसरी बाई नरेटी भी शामिल हैं। श्रीमती बिसरी बाई नरेटी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण के लिए 01 लाख 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके साथ ही आवास निर्माण कार्य में नियोजित श्रम के लिए 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान भी किया गया। योजना के सहयोग से उनका पक्का घर बनाने का सपना पूरा हुआ और आज वे अपने स्वयं के आवास में रह रही हैं।
अपने घर में लौटीं खुशियां, भविष्य के प्रति बढ़ा भरोसा
अपने घर में रहने का सुख मिलने से श्रीमती बिसरी बाई नरेटी के जीवन में स्थिरता आई है। अब उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सुविधाजनक आवास में रहने का अवसर मिला है। उन्होंने इस सहायता के लिए छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्राम माहला में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से परिवारों को आवास उपलब्ध कराना पुनर्वास और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शासन की योजनाओं के लाभ से ग्रामीण अपने पैतृक गांव में दोबारा बसकर जीवन को नई दिशा दे रहे हैं।
