मिट्टी बांध बना किसानों का सहारा, खरीफ सीजन में मिली राहत
वीबी जी राम जी के तहत जल संरक्षण से कृषि आधारित आजीविका को मिल रहा संबल
सूरजपुर/12 अक्टूबर 2026/जिले के जनपद पंचायत ओड़गी अंतर्गत ग्राम पंचायत चबदा में विकसित भारत – जी राम जी योजना के तहत निर्मित मिट्टी बांध ने वर्षा जल को सहेजकर किसानों को खरीफ सीजन में धान की फसल के लिए पानी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्राम चबदा के किसान राम सेवक कुर्रे बताते हैं कि पहले गांव में पानी रोकने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से खेती-किसानी पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती थी।
लेकिन गांव में मिट्टी बांध बनने के बाद इस वर्ष खरीफ सीजन में किसानों को काफी सहूलियत मिली। मानसून के दौरान बांध में एकत्रित वर्षा जल का उपयोग आसपास के किसानों ने अपने खेतों में किया। इससे धान की रोपाई के समय पानी की जरूरत पूरी करने में मदद मिली और किसानों को पहले की तुलना में आसानी हुई हे।
ग्राम चबदा में निर्मित मिट्टी बांध ने इस वर्ष वर्षा जल संरक्षण की उपयोगिता को साबित किया है। बारिश के दौरान बांध में ठहरे पानी का उपयोग किसानों ने जरूरत के अनुसार कृषि कार्यों में किया। इससे विशेषकर धान की रोपाई के दौरान पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहायता मिली। राम सेवक कुर्रे बताते हैं कि पहले बारिश में देरी होने पर किसानों को खेती के काम में पिछड़ने की चिंता रहती थी। लेकिन मिट्टी बांध बनने से इस बार धान की रोपाई के दौरान पानी की समस्या से काफी राहत मिली। उन्होंने बताया कि बांध में जमा पानी आसपास के किसानों के लिए उपयोगी साबित हुआ है।
विकसित भारतदृजी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े कार्यों के माध्यम से वर्षा जल के बेहतर उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। मिट्टी बांध जैसी संरचनाएं बारिश के पानी को रोककर जरूरत के समय कृषि कार्यों के लिए उपलब्ध कराने में सहायक होती हैं। इससे किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करने के साथ ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ बनाने में भी मदद मिल रही है।
ग्राम चबदा में मिट्टी बांध का निर्माण इसी दिशा में एक उपयोगी पहल साबित हुआ है। खरीफ सीजन में किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिला है। साथ ही भविष्य में भी यह संरचना वर्षा जल संरक्षण और खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत सेवा की कहानी में ग्राम चबदा के किसान राम सेवक कुर्रे बताते हैं कि जल संरक्षण के कार्य केवल निर्माण गतिविधियां नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत को सहारा देने और खेती को आसान बनाने का माध्यम भी हैं। कभी बारिश में देरी होने से धान की रोपाई के लिए परेशान रहने वाले किसानों को इस वर्ष मिट्टी बांध में संचित पानी से राहत मिली है।
